अशोक गहलोत ने राहुल गांधी के आरएसएस वाले बयान का किया समर्थन

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने भाजपा-आरएसएस गठबंधन का मुकाबला करने के लिए साहस की कमी को लेकर पार्टी के नेताओं की आलोचना की। जिसमे उन्होने नेताओं को पार्टी छोड़ने तक के लिए कह दिया।

एक ट्वीट में, अशोक गहलोत ने कहा, “राहुल गांधी जी का बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि वह चाहते हैं कि हर कांग्रेसी निर्भीक होकर भाजपा का मुकाबला करे। वह कांग्रेस के मूल्यों को दोहरा रहे हैं, जो संवैधानिक, लोकतांत्रिक सिद्धांतों में निहित हैं और जो आरएसएस की संकीर्ण, सांप्रदायिक नीतियों का विरोध करते हैं।”

राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक वर्चुअल कार्यक्रम में कांग्रेस के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और कहा कि जो लोग भाजपा का सामना करने से डरते हैं वे पार्टी छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं, जबकि पार्टी के अदंर निडर नेताओं को लाया जाना चाहिए।

उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया का उदाहरण देते हुए कहा कि “उन्हें अपना घर बचाना पड़ा और वह डर गए और वह आरएसएस में शामिल हो गए।” उन्होंने कहा, “वे आरएसएस के लोग हैं और उन्हें जाना चाहिए, उन्हें आनंद लेने दें। हम उन्हें नहीं चाहते, उनकी जरूरत नहीं है। हम निडर लोग चाहते हैं। यह हमारी विचारधारा है। यह मेरा मूल संदेश है।”

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने हाल के दिनों में भाजपा में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ दी है। इनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, नारायण राणे, राधाकृष्ण विखे पाटिल और खुशबू सुंदर शामिल हैं।