गिरिराज सिंह के बयान पर बोले शाहनवाज हुसैन – अगर मुसलमान न होते तो कलाम भी नहीं होते

बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह के मुस्लिमों को पाकिस्तान भेजे जाने वाले बयान पर पार्टी के प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह देश जितना हिंदुओं का है उतना ही मुसलमानों का भी है।

बीजेपी नेता ने कहा कि अगर मुसलमान न होते तो कलाम साहब (अब्दुल कलाम), मौलाना अबुल कलाम आजाद और शाहनवाज हुसैन जैसे लोग कहां से मिलते। ये वो लोग हैं जिन्होंने देश के लिए बहुत योगदान दिया है। उन्होंने AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के मंच पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाये जाने और वारिस पठान के देश विरोधी भाषण पर कहा कि इस देश में किसी को इस तरह की इजाजत नहीं है।

दरअसल, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पूर्णिया में बयान दिया कि आजादी के समय ही भारत के सभी मुसलमानों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए था। हमारे पूर्वजों ने बहुत बड़ी गलती की थी। देश के विभाजन के कारणों में एक वाजिब नागरिकता का बड़ा सवाल था। देश विभाजन के समय चूक हुई। जिसकी कीमत हम चुका रहे हैं। देश के सामने यह स्वीकार करने का वक्त है। अगर भारत में ही भारतवंशियों को जगह नहीं मिलेगी, तो दुनिया में ऐसा कौन सा देश है जो उन्हें शरण देगा।

शाहवनाज हुसैन ने सीएए, एनआरसी को लेकर कहा, नागरिकता संशोधन कानून से भारत के 130 करोड़ लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं है बल्कि पाकिस्तान, अफगनिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक, जो वहां परेशानी के चलते आए हैं, उनको यहां की नागरिकता देने के लिए ये कानून बनाया गया है। नागरिकता संशोधन कानून पर विपक्ष भ्रम फैला रहा है लेकिन देश के मुसलमानों को डरना नहीं चाहिए।

इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी गिरिराज सिंह के बयान से असहमति जताई है। चिराग ने कहा, उनका बयान विभाजनकारी है। इस तरह  बयान से मैं सहमत नहीं। इस तरह समाज को बांटने वाली किसी बात का मैं समर्थन नहीं करता। इस तरह के बयान के बाद दिल्ली में हमने अपना हश्र देख लिया है।


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