ओडिशा विधानसभा में स्पीकर पर जूते उछालने के आरोप में भाजपा के 3 विधायक निलंबित

भुवनेश्वर: ओडिशा विधानसभा में शनिवार को अध्यक्ष के आसन की तरफ चप्पल, जूते, माइक्रोफोन और कागज फेंके जाने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी के तीन विधायक को विधानसभा में सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। स्पीकर सुर्य नारायण पात्रो ने कथित तौर पर जूतों की बौछार के बाद निलंबन का ये आदेश दिया।

शनिवार की सुबह, ओडिशा विधानसभा में भाजपा के तीन विधायकों – जयनारायण मिश्रा, मोहन चरण माझी और बिष्णु सेठी ने हंगामा शुरू किया। कथित तौर पर स्पीकर सूर्य नारायण पात्रो को निशाना बनाते हुए जूते फेंके। उन्होंने आरोप लगाया कि ओडिशा लोकायुक्त (संशोधन) विधेयक सदन में बिना बहस के पारित हो गया।

तीन विधायकों को निलंबित करने का फैसला स्पीकर सुरज्य नारायण पात्रो द्वारा राज्य विधानसभा में हुई घटना के वीडियो की समीक्षा के बाद लिया गया। संसदीय कार्य मंत्री बिक्रम केशरी अरुखा, सरकारी मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक, नेता प्रतिपक्ष प्रदीप नाइक और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता नरसिंह मिश्रा ने वीडियो की जांच की।

प्रमिला मल्लिक ने कहा कि विपक्ष के उप-नेता बिष्णु सेठी, विधायक जयनारायण मिश्रा और विपक्ष के मुख्य सचेतक मोहन माझी ने स्पीकर के पोडियम पर जूते, ईयरफोन और कागजात फेंके।

विधायक जयनारायण मिश्रा ने कहा, “मुझे नहीं पता कि मैंने अध्यक्ष पर क्या फेंका, लेकिन मैंने कुछ भी गलत नहीं किया। अध्यक्ष ने इस तरह का व्यवहार किया।”

इस बीच, बिष्णु सेठी ने कहा, “मैंने उस पर [स्पीकर] जूते नहीं फेंके। मैंने सिर्फ एक पेन और एक हेडफोन फेंका।”

निलंबन के बाद, अध्यक्ष ने भाजपा के तीन सदस्यों को सदन छोड़ने के लिए कहा।

बाद में, नेता प्रतिपक्ष प्रदीप नाइक सहित भाजपा सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष के निलंबन आदेश को लेकर विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना दिया।

कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता नरसिंह मिश्रा ने इस कृत्य की निंदा की और इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।