अयोध्या में बाबरी मस्जिद के लिए योगी सरकार ने दी 5 एकड़ जमीन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में राम मंदिर ट्रस्ट के ऐलान के बाद योगी सरकार ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन देने की भी घोषणा कर दी है। इस पांच एकड़ जमीन पर सुन्नी वक्फ बोर्ड मस्जिद बनाए या फिर कुछ और यह फैसला उसे करना है।

पीटीआई की खबर के मुताबिक, अयोध्या के सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में सुन्नी वक्फ बोर्ड को जमीन देने का फैसला किया गया है। सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि आज 5 एकड़ जमीन का प्रस्ताव पास हो गया है। हमने 3 विकल्प केंद्र को भेजे थे, जिसमें से एक पर सहमति बन गई है। मस्जिद के लिए धन्नीपुर में जमीन दी जाएगी। यह मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर है।

बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित तमाम मुस्लिम संगठन पहले ही जमीन लेने की बात को अस्वीकर कर चुके हैं। वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पांच एकड़ जमीन पर निर्माण के लिए एक ट्रस्ट बनाने का फैसला किया है, जिसे जल्द ही उसके रजिस्ट्रेशन कराएगा। इस ट्रस्ट का नाम ‘इंडो इस्लामिक कल्चर ट्रस्ट’ (आईआईसीटी) होगा।

बोर्ड इंडो इस्लामिक कल्चर ट्रस्ट के जरिए 5 एकड़ जमीन पर अस्पताल, विद्यालय, इस्लामिक कल्चरल एक्टिविटीज को बढ़ाने वाले इंस्टिट्यूट, लाइब्रेरी, पब्लिक यूटिलिटी इनफ्रास्ट्रक्चर डिवेलप करने और दूसरे तरीके की सामाजिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। हालांकि मस्जिद बनाई जाएगी या फिर नहीं यह बात अभी बोर्ड ने साफ नहीं की है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इस ट्रस्ट की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है और बकायदा इसका रजिस्ट्रेशन भी कराएग। इंडो इस्लामिक कल्चर ट्रस्ट का मुखिया सुन्नी वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष होगा जो कि पदेन अध्यक्ष होगा। मौजूदा समय में सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूखी हैं, ऐसे में इंडो इस्लामिक कल्चर ट्रस्ट के पहले अध्यक्ष यही होंगे. इस ट्रस्ट में बाबरी मस्जिद मामले से जुड़े हुए कई लोगों को सदस्य नियुक्त किया जा सकता है।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE