दारुल उलूम देवबंद का हुक्म – शाहीन बाग का धरना खत्म हो, महिलाओं ने भी दिया करारा जवाब

शाहीन बाग़ में सीएए के विरोध के नाम पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर देवबंद के कुछ उलेमा ने कहा कि शाहीन बाग़ आंदोलन को अब बंद कर देना चाहिए क्योंकि सरकार ने एनआरसी लाने से मना कर दिया है।

अपने बयान में देवबंद की और से कहा गया कि महिलाओं को धरना ख़त्म कर देना चाहिए, क्योंकि गृहमंत्रालय ने साफ कर दिया है कि एनआरसी लाने का फिलहाल कोई इरादा नही है। यह इस आंदोलन की कामयाबी है, इसलिये अब इस धरने को बंद कर देना चाहिए।

हालांकि देवबंद की इस अपील पर शाहीन बाग की महिलाओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे खारिज कर दिया है। आंदोलन से जुड़ी हुई सबाना कुरैशी ने दो टूक कहा, “यह कोई मजहबी लड़ाई नहीं है जो हम उनकी बात मानलें। यह लड़ाई संविधन के बचाने के लिए है और जब तक सीएए और प्रस्तावित एनआरसी वापस नहीं होते, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।”

ध्यान रहे कि देवबंद के ईदगाह मैदान में बीते ग्यारह दिनों से जारी महिलाओं के प्रदर्श में गुरुवार को उस वक्त हंगामा हो गया था जब प्रशासन की तरफ से बनाई गई एक कमेटी महिलाओं को समझाने और धरना खत्म करने की अपील करने के लिए उनसे बातचीत करने गई थी।

कमेटी के लोगों ने महिलाओं से बातचीत शुरु की ही थी कि पंडाल में धरने पर बैठी सैकड़ों महिलाओं ने जोरदार तरीके से गो बैक और देवबंद के नेता शर्म करो के नारे लगाने शुरु कर दिए थे। महिलाओं ने धरना खत्म करने से साफ इनकार कर दिया था। महिलाओं ने कमेटी के सदस्यों पर चूड़ियों की बरसात कर दी थी।


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