महिला ने रखा था कोरोना माई का व्रत, तबीयत बिगड़ने से चली गई जान

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच कुछ लोगों ने इसे अब अंधविश्वास से जोड़ना शुरू कर दिया है। जिसका नतीजा ये है कि लोगों की जान जा रही है।

ताजा मामला झारखंड के पलामू जिले का है। जहां रविवार को सिलदिली के टोला सिकनी में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से बचने के लिए 20 से 25 महिलाओं ने कोरोना माई का व्रत (Fasting) रखा था। जिसमे वैजयंती देवी नामक एक महिला की तबीयत बिगड़ने पर जान चली गई।

परिजनों ने बताया दिनभर की उपवास से उसका बीपी कम हो गया था और लकवा के भी लक्षण दिखने लगे थे। पेट में दर्द की भी शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए मेदिनीनगर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में रतनाग गांव के पास वैजयंती की मौ’त हो गयी।

बता दें कि उत्तर भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर  कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए कोरोना माई का व्रत रखने की अफवाह फ़ेल रही है। इतना तक दावा किया जा रहा है कि जो महिलाएं व्रत रखेंगी, उनके खाते में पैसे भेजे जाएंगे।

इस झूठी अफवाह के चलते  न केवल महिलाएं व्रत रख रही है बल्कि 10-10 लौंग-लड्डू को रख गड्ढे में पानी भरकर कोरोना वायरस से निजात की कामना कर रही हैं। महिलाओं का दावा है कि ‘कोरोना माई’ को नौ लड्डू और नौ लौंग चढ़ाने से इस वायरस का खात्मा हो जाएगा।


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