वक्फ प्रॉपर्टी पर एक्शन में मोदी सरकार, आय बढ़ाने के लिए लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने वक्फ प्रॉपर्टी को अतिक्रमण मुक्त कराने और इससे होने वाली इनकम को और ज़्यादा बढ़ाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि श भर में वक्फ बोर्ड ((Waqf Board)) की 6 लाख से ज़्यादा प्रॉपर्टी है। जिससे हर साल 300 करोड़ से ज़्यादा की इनकम होती है।

हालांकि दूसरी ओर हज़ारों वक्फ प्रॉपर्टी ऐसी भी हैं जिन पर अतिक्रमण हो चुका है। हाल ही में मंत्रालय के स्तर पर बने वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया पोर्टल पर सभी राज्यों से 6 लाख से ज़्यादा प्रॉपर्टी पंजीकृत हुई हैं। अभी भी बहुत सारी प्रॉपर्टी अभी ऐसी भी हैं जो पंजीकृत नहीं हुई हैं।

ऐसे में अब मंत्रालय ने निर्धारित किया है कि अब बाज़ार रेट के मुकाबले केवल 1 फीसद की रेट से वक्फ प्रॉपर्टी पट्टे पर दी जाएगी। जिसमें यह पट्टा 10 से लेकर 30 साल तक का होगा। इसके अंतर्गत पट्टा लेने के लिए बोली लगानी होगी। इस नए नियम के तहत पहले की तरह इसमें वक्फ बोर्ड या फिर वक्फ प्रॉपर्टी की निगरानी करने वाले मुतावल्लियों की मनमानी नहीं चलेगी।

अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजना मुताबिक अब वक्फ बोर्ड हर तरह की गतिविध के लिए वक्फ प्रॉपर्टी को पट्टे पर दे सकेंगे। लेकिन पहली वरीयता अब भी अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और मदरसे ही होंगे। साथ ही अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और मदरसे को पट्टे पर वक्फ प्रॉपर्टी देते समय इस बात पर भी ध्यान दिया जाएगा कि उसका जो किराया होगा वो किसी भी हाल में कम से कम एक प्रतिशत ही हो। ऐसे ही कॉमर्शियल यूज के लिए जो वक्फ प्रॉपर्टी दी जाएगी वो कम से कम 2.5 फीसद के रेट से दी जाएगी।

देशभर में सबसे ज़्यादा वक्फ प्रॉपर्टी यूपी में है। यूपी में शिया और सुन्नी वक्फ को मिलाकर 1.5 लाख से ज़्यादा वक्फ प्रॉपर्टी हैं। इसमे से 1.42 लाख वक्फ प्रॉपर्टी तो सिर्फ सुन्नी वक्फ बोर्ड की ही है। यह आंकड़ा पंजीकरण वाले पोर्टल का है। वहीँ केरल में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी की इनकम है।


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