देशद्रोह मामले में पत्रकार विनोद दुआ को SC से राहत, 15 जुलाई तक बढ़ाई संरक्षण की अवधि

सुप्रीम कोर्ट ने देशद्रोह मामले पत्रकार विनोद दुआ को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण की अवधि मंगलवार को 15 जुलाई तक के लिये बढ़ा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई अगले बुधवार को की जाएगी।

दुआ के खिलाफ उनके इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा के एक स्थानीय नेता ने शिकायत दर्ज करायी है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट जमा कराए। न्यायमूर्ति उदय यू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिग के माध्यम से इस मामले की सुनवाई की और मामले में विनोद दुआ को गिरफ्तार करने से हिमाचल प्रदेश की पुलिस को रोक दिया।

पीठ ने इसके साथ ही यह भी कहा कि दुआ को इस मामले में पूरक सवालों का जवाब देने की जरूरत नहीं है। दुआ इस मामले की डिजिटल माध्यम से जांच में शामिल हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित, मोहन एम. शांतानागौदर और विनीत सरन की पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी।

बीजेपी के स्थानीय नेता श्याम की शिकायत पर छह मई को शिमला के कुमारसेन थाने में विनोद दुआ के खिलाफ देशद्रोह, मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित करने और सार्वजनिक शरारत करने जैसे आरोपों में भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।

श्याम का आरोप है कि विनोद दुआ ने अपने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री पर वोट हासिल करने के लिये मौत और आतंकी हमलों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।


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