कोरोना से जं’ग जीतने के 5 दिन बाद उर्दू शायर गुलजार देहलवी नहीं रहे

नई दिल्ली: कोविड-19 संक्रमण से उबरने के पांच दिन बाद वरिष्ठ उर्दू शायर आनंद मोहन जुत्शी उर्फ गुलजार देहलवी का शुक्रवार दोपहर को निध’न हो गया। उनकी उम्र 94 साल थी।

रविवार को वह ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल से कोरोना वायरस से जंग जीतकर सेक्टर 26 स्थित अपने घर लौटे थे।फिर शुक्रवार दोपहर को अचानक देहलवी की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिवार वालों ने उन्हें नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती करवाया।

आनंद मोहन जुत्शी उर्फ गुलजार देहलवी का जन्म सात जुलाई 1926 को हुआ था। उर्दू शायरी और साहित्य में योगदान के लिए उन्हें ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया। वर्ष 2009 में उन्हें मीर तकी मीर पुरस्कार (mir taqi mir Award) से भी सम्मानित किया गया।

उनके बेटे अनूप जुत्शी ने कहा, “सात जून को उनकी कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट दोबारा निगेटिव आयी जिसके बाद हम उन्हें घर वापस लाये।आज लगभग दोपहर ढाई बजे हमने खाना खाया और उसके बाद उनका निधन हो गया।” उन्होंने कहा, “वह काफी बूढ़े थे और संक्रमण के कारण काफी कमजोर भी हो गए थे. डॉक्टरों का मानना है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा होगा।”

पुरानी दिल्ली के गली कश्मीरियां में 1926 में जन्मे देहलवी भारत सरकार द्वारा 1975 में प्रकाशित पहली उर्दू विज्ञान पत्रिका ‘साइंस की दुनिया’ के संपादक भी रह चुके हैं


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