मेरठ में अस्पताल ने मुस्लिमों के इलाज पर लगाई पाबंदी, मांगी कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक अस्पताल के अखबार में विज्ञापन  देकर मुस्लिमों के इलाज पर रोक लगाने की सूचना दी। जब हंगामा हुआ तो अस्पताल प्रबंधन ने माफ़ी मांग ली। पुलिस ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधन के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर ली है।

इस विज्ञापन में कहा गया कि कोई मुस्लिम अगर अस्पताल आना चाहता है तो पहले अपनी और एक तीमारदार की कोरोना जांच कराएं और टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही अस्पताल आएं। मेरठ के इंचौली थाना के प्रभारी ब्रजेश कुमार सिंह ने रविवार को बताया कि घटना के संबंध में संबंधित अस्पताल के संचालक अमित जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

मेरठ के मवाना रोड पर वैलेंटिस कैंसर अस्पताल ने शुक्रवार 17 अप्रैल को कुछ अख़बारों में विज्ञापन दिया कि उनके यहां भर्ती होने वाले मुस्लिम मरीज़ों और तीमारदारों को कोरोना संक्रमण की जांच कराकर और उसकी निगेटिव रिपोर्ट लेकर ही आना होगा। अस्पताल ने इस नियम से शिया मुसलमानों के अलावा उन मुसलमानों को भी छूट दे रखी थी जो डॉक्टर हों, पैरामेडिकल सेवाओं से जुड़े हों या फिर जज, पुलिस, या अफ़सर हों। इसके अलावा उन मुसलमानों को भी नियम से छूट देने की घोषणा कर रखी थी जो घनी आबादी में न रहते हों।

इस बारे में मेरठ के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राज कुमार से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘यह गलत है और हम इस मामले में संबंधित अस्पताल प्रशासन को नोटिस भेज रहे हैं। जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’ इस बीच, विवाद बढ़ जाने पर वैलेन्टिस कैंसर अस्पताल ने फिर से अखबार में विज्ञापन देकर कहा है, ‘अगर किसी की भावना को तनिक भी ठेस पहुंची हो तो हम क्षमाप्रार्थी हैं।’

वहीं अखबार में प्रकाशित अस्पताल के स्पष्टीकरण में कहा गया है, ‘हमारी इस वैश्विक आपदा में सभी धर्मों (मुस्लिम, हिंदू, जैन, सिख, ईसाई) के लोगों के साथ मिल-जुलकर लड़ने का आग्रह करने की मंशा रही। किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की हमारी मंशा कभी नहीं रही है। अगर हिंदू/मुस्लिम/जैन/सिख/ईसाई समाज में किसी की भावना को ठेस पहुंची है, तो भी हम दिल से खेद प्रकट करते हैं।’

हिंदुओं और जैन समाज के लोगों को कंजूस बताने के बारे में स्पष्टीकरण में अस्पताल ने कहा है, ‘सर्वविदित और वास्तविकता भी है कि हिंदू/जैन समाज सदा से ही सामाजिक उत्तरदायित्व व दान-पुण्य के कार्य में अग्रणी रहा है। हमारा अभिप्राय भी यही था। त्रुटिवश कुछ गलत संदेश चला गया है, जिसका हम खंडन करने के साथ ही हृदय से खेद व्यक्त करते हुए क्षमा मांगते हैं।’


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