फाइनल एग्जाम को लेकर UGC ने कहा – ज्यादातर विश्वविद्यालय ने जताई सहमति

कोरोना महामारी के बीच देश के ज्यादातर विश्वविद्यालय यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की संशोधित गाइडलाइन के तहत फाइनल ईयर की परीक्षा आयोजित कराने को तैयार है। यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार सभी विश्वविद्यालयों को अंतिम वर्ष की लंबित परीक्षाओं को कराना जरूरी है।

यूजीसी ने शनिवार को कहा कि देश में 194 विश्वविद्यालय फाइनल ईयर स्टूडेंट्स की परीक्षा आयोजित करा चुके हैं। यूजीसी ने कहा कि परीक्षा शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग है। इसके जरिए ही देखा जाता है कि स्टूडेंटस ने कितना सीखा है। आयोग ने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालयों से सम्पर्क करके परीक्षा आयोजित करने के संबंध में स्थिति रिपोर्ट मांगी गई।

विश्वविद्यालयों का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर जारी की गई यूजीसी की संशोधित गाइडलाइन का कई राज्यों में विरोध हो रहा है। दिल्ली, पंजाब,महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और राजस्थान इन राज्यों में शामिल है।

यूजीसी ने कहा कि 560 विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से अंतिम वर्ष की परीक्षा ली है या लेने की योजना बना रहे हैं।  यूजीसी ने एक बयान में कहा कि कुल 945 विश्वविद्यालयों में से उसे 755 विश्वविद्यालयों से प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है जिसमें 120 डीम्ड, 274 निजी विश्वविद्यालय, 40 केंद्रीय विश्वविद्यालय तथा 321 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं।

यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने कहा कि परीक्षाओं में आपका प्रदर्शन आपको जिदंगी भर के लिए एक विश्वसनीयता देता है। वैश्विक स्तर पर एडमिशन के दौरान इससे मदद मिलती है। इसके अलावा स्कॉलशिप, अवॉर्ड, प्लेसमेंट के लिए भी परीक्षाओं में आपका प्रदर्शन भी अहमियत रखता है।


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