गर्म तापमान से भागता है कोरोना वायरस, टीका बनने में लगेंगे दो साल: स्वास्थ्य मंत्रालय

जानलेवा कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के बारे में सभी तथ्यों का अभी भी अध्ययन किया जा रहा है। अभी कोई कन्फर्म स्टडी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि वायरस को गर्म तापमान में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

ज्वाइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने गुरुवार को कहा है कि देश भर में 52 परीक्षण केंद्र खोले गए है जबकि 56 केंदों पर सैंपल एकत्रित किए जा रहे है। वहीं इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने कहा है कि कोरोना वायरस को अलग करने में हम कामयाब रहे हैं। हमारे पास 11 ऐसे आइसोलेट्स हैं। हालांकि, इस वायरस को लेकर टीका बनने में कम से कम डेढ़ से 2 साल का समय लगेगा।

लव अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार ने मालदीव, म्यांमार, बांग्लादेश, चीन, अमेरिका, मेडागास्कर, श्रीलंका, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका और पेरू जैसे अन्य राष्ट्रों के 48 लोगों के साथ 900 भारतीय नागरिकों को निकाला है। उन्होंने कहा है कि ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारियों को दी जाने वाली वीजा-मुक्त यात्रा सुविधा 15 अप्रैल 2020 तक के लिए रोक दी गई है। इसकी शुरूआत 13 मार्च 2020 के 12 बजे से प्रस्थान के पोर्ट पर की जाएगी।

अधिक तापमान से कोरोनावायरस के खत्‍म होने के बारे में लव अग्रवाल ने कहा कि इसबारे में सभी तथ्यों का अभी भी अध्ययन किया जा रहा है। कोई पुष्टि वाला अध्ययन नहीं हैं। आम तौर पर यह उम्मीद की जाती है कि वायरस यदि यह उच्च तापमान में है तो उसके जीवित रहने में कठिनाई होती है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं कोरोनावारयस से बचने के लिए मास्क लगाने के मामले पर उन्होंने कहा कि मास्क हमेशा आवश्यक नहीं है। अगर कोई व्यक्ति प्रभावी रूप से सामाजिक दूरी बनाए रखता है तो मास्क की आवश्यक नहीं है। घबराने की जरूरत नहीं है।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE