जासूसी के आरोप में पाकिस्तान ने पकड़े दो कश्मीरी, परिवार ने की रिहाई की मांग

नई दिल्ली. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों (Pakistani security forces) ने गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) में नियंत्रण रेखा से लगे एक इलाके से भारत के लिए जासूसी करने के आरोप में दो कश्मीरी युवकों को गिरफ्तार किए जाने का दावा किया है। पाकिस्तान ने इन दोनों लोगों को भारतीय जासूस बताया है।

पाकिस्तान आर्मी की और से एक वीडियो भी जारी किया गया है। वीडियो में फिरोज अहमद लोन और नूर मोहम्मद वानी को कहते हुए देखा गया कि उसे पाकिस्तानी सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल पार करने और जासूसी करने के लिए गिरफ्तार किया है। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक फिरोज 2018 से लापता है। हालांकि, नूर के बारे में कोई गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं है।

वहीं एक वीडियो संदेश में, फ़िरोज़ के पिता अब्दुल रहीम लोन ने कहा, “मेरा बेटा 2018 से गायब है और अब पाकिस्तान सेना दावा कर रही है कि वह एक भारतीय जासूस है। मैं दोनों सरकारों से अपने बेटे को छोड़ने की अपील करता हूं।”

नूर के एक रिश्तेदार बशीर अहमद वानी ने कहा कि उनका भतीजा कभी जासूस नहीं था और उसे नहीं पता कि वह एलओसी (LoC) के पार कैसे गया। उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि उन्हें ऐसा बयान देने के लिए मजबूर किया गया है। मैं भारत और पाकिस्तान की सरकारों से दुआ जारी करने की अपील करता हूं।”

गिलगित के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजा मिर्जा हसन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित जासूसों को मीडिया के समक्ष पेश किया।  हसन ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों लोग कश्मीर के रहने वाले हैं और उन्हें ‘जासूसी’ करने के लिए जबरदस्ती पाकिस्तान भेजा गया है। खबर के अनुसार गिरफ्तार किए गए भारतीयों ने अपनी पहचान नूर मोहम्मद वानी और फिरोज अहमद लोन बताई है। दोनों बांदीपुर जिले के गुरेज के अचोरा गांव के रहने वाले हैं।


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