दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज

नई दिल्ली: दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ज़फरुल इस्लाम के खिलाफ कुवैत को लेकर किए गए ट्वीट के मामले में देशद्रोह (Sedition) और धर्म के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच दिल्ली पुलिस साइबर सेल द्वारा की जा रही है। हालांकि उन्होने इस मामले में माफी मांग ली थी।

उन्होंने कहा कि अगर मेरे वक्तव्य से किसी को ठेंस पहुंची हो तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। हमारा देश मौजूदा समय हेल्थ इमरजेंसी से गुजर रहा है और ऐसे हालात में मेरे उस ट्वीट का गलत अर्थ निकाला गया है। आपको बता दें कि इसके पहले जफरुल इस्लाम ने ट्विटर पर लिखा था कि भारतीय मुसलमानों को लेकर अगर शिकायत कर दी जाए तो जलजला आ जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले महीने की 28 तारीख को मैंने एक ट्वीट किया था जिसमें कुवैत के उत्तर पूर्वी जिलों में भारतीय मुसलमानों के उत्पीड़न के संदर्भ में ट्वीट किया था, मेरे इस ट्वीट से जिन लोगों को पीड़ा हुई उनसे मैं माफी मांगता हूं मेरा कभी ऐसा उद्देश्य नहीं था कि मैं किसी को हर्ट करने के लिए ऐसा ट्वीट करूं। मैंने यह महसूस किया कि मौजूदा समय में चल हमारे देश में चल रही हेल्थ इमरजेंसी के दौरान मैं उन सभी से मांफी मांगता हूं जिनकी भावनाएं मेरे उस ट्वीट को लेकर आहत हुईं थीं।

Statement by Dr. Zafarul-Islam KhanYesterday, 28 April 2020, I issued a tweet on my twitter handle. Nothing more…

Posted by Zafarul-Islam Khan on Wednesday, April 29, 2020

उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा एक ट्वीट की सीमा जो बहुत कम होती है जबकि उसका मतलब काफी बड़ा हो जाता है भी इस पूरी बयानबाजी की वजह बन गया था। यह बातचीत एक प्लेन भाषा में नहीं थी। इसमें बहुत सी बातों को जोड़कर मुख्य बात को छोड़ दिया गया था, मेरा यह उद्देश्य नहीं था और न ही इस ट्वीट का ये मतलब था जो कि निकाला गया।

मीडिया के एक वर्ग ने इस ट्वीट के गलत मतलब निकाले और इसको अपने तरीके से गढ़ा और इसे ज्यादा भड़काऊ बना दिया ताकि इसके लिए वो मुझे जिम्मेदार ठहरा सकें। मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही थी जिसके लिए मुझे इस ट्वीट की वजह से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

राष्‍ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन गयूरुल हसन रिजवी ने उनके इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह देश की गलत छवि पेश करने वाला है। भारत मुसलमानों के लिए जन्नत है और यह बात अरब देश भी जानते हैं।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE