तबलीगी जमात में फैला कोरोना का संक्रमण, निज़ामुद्दीन से देवबंद तक जा पहुंचा

पटना, राँची और कोयंबटूर के बाद अब दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के लोगों में बड़ी संख्या में कोरोना का संक्रमण पाया गया है। साथ ही तबलीगी जमात के चलते ही मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान देवबंद भी कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आ गया है।

जानकारी के अनुसार, निजामुद्दीन के पास के मस्जिद से 50 से 70 कोरोना संदिग्ध मरीजों को पकड़ा गया है। ये सभी कोरोना संदिग्ध दुबई की यात्रा करके आए थे और निजामुद्दीन की मस्जिद में छिप गए थे।  इन 50 से 70 संदिग्धों को कल देर रात डीटीसी बस से लाकर लोकनायक अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती किया गया। इन कोरोना संदिग्धों को पहले राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था, मगर वहाँ पर पहले से ही सारी बेड भरी हुई थी, तो फिर पुलिस ने इन्हें लोकनायक अस्पताल में भर्ती करा दिया।

इसके अलावा देश में 500 ऐसे लोगों पर सरकार निगरानी रखी हुई है, जो पिछले 2 मार्च से 20 मार्च तक मलेशिया और इंडोनेशिया से आने वाले 40  तबलीगी जमात प्रचारकों (इस्लामिक उपदेशकों ) के एक ग्रुप के सम्पर्क में आए थे। इसके बाद से एशिया के सबसे बड़े मदरसे के रूप में पहचान रखने वाले दारुल उलूम देवबंद के बहुत से छात्र भी निगरानी में हैं।

इस मामले के बारे में तब खुलासा हुआ, जब कश्मीर घाटी में 65 साल के एक बुजुर्ग की कोरोना की वजह से मौ’त हो गई थी। वह बुजुर्ग श्रीनगर में रहते थे। उन्होंने बीते दिनों दिल्ली, उत्तर प्रदेश के साथ देशभर के अलग-अलग धार्मिक समारोहों में हिस्सा लिया था। सहारनपुर के कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि देवबंद की उस मस्जिद को सील कर दिया गया है और उसके अलावा मस्जिद के आसपास के एक किमी में स्थित सभी मकानों, दुकानों और स्कूलों को निगरानी में ले लिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘हमें पता चला है कि जिस कश्मीरी मरीज की डेथ हुई है, उसने यहां मस्जिद में हुए एक कार्यक्रम में शिरकत की थी। इस कार्यक्रम में बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया था, जिसमें से 10 की पहचान हम कर चुके हैं। पहले फेज में लोगों से बात करने के बाद हमने 11 संभावितों का टेस्ट ले लिया है। उन्हें अभी भी सहारनपुर प्रशासन के तहत क्वारंटाइन में रखा गया है, जहां वे अगले 2 हफ्ते तक रखे जाएंगे। फिलहाल सभी शुरुआती टेस्ट नेगेटिव पाए गए हैं।’

मेरठ की 2 मस्जिदों में 19 विदेशी

इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मवाना कस्बे में स्थित बिलाल मस्जिद में रविवार देर रात 10 और सरधना में आजाद नगर स्थित मस्जिद में 9 विदेशी लोगों के मिलने से लोग चिंतित हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मस्जिद में पहुंची और इन लोगों से पूछताछ की। इनके कागजात और पासपोर्ट कब्जे में ले लिए गए हैं। इन कस्बों में यह तबलीगी जमात 17 मार्च को निजामुद्दीन मरकज से आई थी। जमात में शामिल लोग सूडान व केन्या के रहने वाले हैं। इन सभी लोगों की कोरोना वायरस की जांच प्रशासन सोमवार को कराएगा।


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