रमजान में मुस्लिम प्रवासियों के लिए की जाए सहरी और इफ्तार की व्यवस्था

25 अप्रैल, 2020 नई दिल्ली। मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एमएसओ) के अध्यक्ष शुजाअत अली कादरी ने लॉकडाउन के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे कश्मीरी और दीगर राज्यों के मुस्लिमों के लिए केंद्र सरकार से रमजान के महीने में सहरी और इफ्तार की व्यवस्था करने की अपील की।

शुजाअत अली कादरी ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में कश्मीरी और दीगर मुसलमान फंसे हुए है। जिसमे ज़्यादातर छात्र और प्रवासी मजदूर है। ये सभी लॉकडाउन में किसी तरह भोजन और अन्य जरूरतों को पूरा कर रहे थे लेकिन अब रमजान के महीन में सभी के लिए इस तरह व्यवस्था करना संभव नहीं है।

उन्होने बताया कि इन सभी लोगों की सबसे बड़ी समस्या सहरी और इफ्तार के दौरान भोजन की समस्या है। उन्होने कहा, प्रशासन और समाजसेवकों की और से सुबह 10 बजे के बाद और शाम को रात आठ बजे बाद ही भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस भोजन को लेने के लिए भी कड़ी धूप में लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ता है। ऐसा करना रोजेदारो के लिए अब आसान नहीं है।

कादरी ने केंद्र और तमाम राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा कि मुस्लिम प्रवासियों को सहरी और इफ्तार के समय पर भोजन उपलब्ध कराया जाये। उन्होने कहा कि ऐसे लोगों के लिए सभी राज्यों में एक स्पेशल हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाये जिससे वह अपनी जरूरत को आसानी से प्रशासन के सामने रख सकें।

एमएसओ अध्यक्ष ने मस्जिद के इमामों, सामजिक संगठनों से भी गुजारिश करते हुए कहा कि वह भी अपने स्तर पर ऐसे लोगों की मदद करें। उन्होने कहा, प्रशासन के सहयोग से आप भी स्थानीय मस्जिदों, ख़ानक़ाह से और अपने घरों से भी मदद कर सकते है। कादरी ने सभी लोगो विशेष रूप से मुस्लिम अवाम से लॉकडाउन के समय मे रमज़ान की तरावीह की और अन्य दीगर नमाज़ को घर पर पढ़ने का आह्वान किया और सामाजिक दूरी बनाए रखने का भी आह्वान किया।


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