हज यात्रा रद्द करना सऊदी सरकार की प्र्शासनिक विफलता

मक्का और मदीना की पवित्र मस्जिद और हज की निगरानी के लिए बने संगठन अल हरमेन वॉच ने सऊदी अरब द्वारा हज्ज यात्रा निरस्त करने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और कहा है कि सऊदी सरकार का यह फैसला दिखाता है कि सऊदी अरब हज यात्रा के प्रबंधन मे पूरी तरह विफल और अयोग्य है। अल हरमेन वॉच बोर्ड के सदस्यो ने सऊदी सरकार के फैसले पर हैरानी जताते हुये कहा है कि सऊदी हुकूमत को हज यात्रा को रद्द करने से पहले सभी इस्लामी देशो से संपर्क साधना चाहिए था।

अल हरमेन वॉच के डाइरेक्टर शुजात अली कादरी ने कहा कि हज के इतिहास मे इस तरह का फैसला कभी देखने को नहीं मिला कि जब सऊदी सरकार ने बिना मशविरे के हज यात्रा को रद्द कर दिया हो, हज यात्रा का रद्द करना सऊदी अरब के कुप्रबंधन को दिखाता है। उन्होने कहा कि सऊदी हुकूमत को चाहिए कि पूरी यात्रा को रद्द न करके 20 से 45 साल के लोगो को हज यात्रा की अनुमति देनी चाहिए। कादरी ने कहा कि अल हरमेन वॉच जल्द ही सऊदी हुकूमत के फैसले पर एक वेबिनर का आयोजन करेगा जिसमे सऊदी सरकार के फैसले कि समीक्षा की जाएगी।

अल हरमेन वॉच मलेशिया के सलाहकार मुहम्मद आज़मी अब्दुल हमीद ने कहा कि सऊदी सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई।

अल हरमेन वॉच मौरिटानिया के सलाहकार आबु बकर सीदी ने भी सऊदी हुकूमत के फैसले पर विरोध जताया और कहा कि अफ्रीकी देश पहले से ही सऊदी अरब द्वारा दोगली पॉलिसी का शिकार है और अब इस फैसले से अफ्रीकी असहज महसूस कर रहे है।

अल हरमेन वॉच भारत के सलाहकार सईद नूरी ने कड़ी आलोचना की और सऊदी से फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा। अल हरमेन वॉच पाकिस्तान के सदस्य कारी ज़ोर बहादुर और सफदर गिलानी ने भी फैसले पर आपत्ति जताई है।


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