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तारा शाहदेव का रंजीत सिंह कोहली से हुआ तलाक, लगाया था लव जिहाद का आरोप

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नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव को उसके पति रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन से तलाक मिल गया है। रांची के फैमिली कोर्ट ने तलाक की मंजूरी दे दी है। फॅमिली कोर्ट के जज बीके गौतम की ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया है।

बता दें कि पिछले साल दोनों पक्ष इस संबंध में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर हुए थे।और तलाक की याचिका दायर की थी। जिसमे धारा 12(1) (सी) के तहत शादी को रद्द करने अौर 13(1)(1ए) के तहत क्रूर व्यवहार करने की वजह से विवाह विच्छेद करने का आग्रह किया गया था।

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तारा के भाई ऋषिनाथ शाहदेव व अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने कहा कि रंजीत कोहली ने तारा शाहदेव के साथ क्रूर व्यवहार किया था। इस आधार पर कोर्ट ने तलाक की याचिका मंजूर की। ऋषि ने कहा कि यह देश की महिलाअों के लिए मिसाल है। हमें न्यायालय पर भरोसा था। इस फैसले से संदेश गया है कि अगर कोई महिलाअों के साथ गलत करेगा तो उसे ऐसा ही जवाब मिलेगा।

तलाक के बाद तारा शाहदेव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने 4 वर्षों तक उस कड़वे एहसास के साथ जीवन जिया है। कोहली ने धोखे से शादी की थी। अदालत ने धोखेबाजी को सही पाया। क्रूरता के मामले की जांच सीबीआई भी कर रही है। इस फैसले से उम्मीद है, आगे भी अच्छा होगा। उम्मीद जगी है अब लड़ाई की लड़ाई को और ठीक से लड़ सकती हूं।

तलाक मामले में फैसला सुनने बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारा से कुटुंब न्यायालय में रंजीत सिंह कोहली को पेश किया गया। पेशी के बाद कोहली ने कहा कि वह रंजीत सिंह कोहली है। कोई रकीबुल नहीं। उसने इससे संबंधित डॉक्यूमेंट भी न्यायालय को दिए हैं। इंजरी रिपोर्ट तारा शाहदेव ने बनाया था, जिसका कोर्ट को अवगत करा दिया हूं। तारा शाहदेव द्वारा एफिडेविट जो जमा किया था उसमें फॉल्स साइन किया गया था। उसी के आधार पर जजमेंट हो गया। इसके खिलाफ वह हाईकोर्ट जाएगा। ऊपर न्याय मिलेगी।

उसने कहा कि वह कभी किसी का धर्म परिवर्तन नहीं किया। वह भी दूसरे धर्म का नहीं है। सिख खत्री रिलीजन से है। उसे धर्म परिवर्तन कराने की कोई जरूरत नहीं है।  तारा शाहदेव के पास कोई भी डॉक्युमेंट्री एविडेंस नहीं है। न ही कोई गवाह है। न ही कोई निकाहनामा है। न ही रकीबुल हसन का कोई डॉक्युमेंट है। कोर्ट के आदेश का स्वागत करता हूं, लेकिन इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करूंगा।

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