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Thursday, October 21, 2021

नए कृषि क़ानूनों के विरोध में तमिलनाडु विधान सभा में पेश किया गया बिल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को राज्य विधानसभा में केंद्र सरकार के तीन विवादास्पद कृषि कानूनों का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके साथ, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल के बाद तमिलनाडु कृषि कानूनों का विरोध करने वाला सातवां राज्य बन गया है।

इस दौरान स्टालिन ने यह भी कहा कि पिछले एक साल के दौरान केंद्र सरकार के तीन किसान-संबंधी कानूनों के खिलाफ वि’रोध प्र’दर्शन करने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि “किसानों के हितों के खिलाफ” हैं।

इससे पहले स्टालिन ने जून में कहा था कि “सरकार ने देश भर के किसानों की भावनाओं को दर्शाने वाले इन तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित करने का स्पष्ट निर्णय लिया है।” उस निर्णय पर कोई बदलाव नहीं हुआ है।

वहीं मई में, स्टालिन ने कहा था कि सरकार विधानसभा में एक प्रस्ताव लाएगी जिसमें केंद्र से तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए कहा जाएगा। उन्होने कहा, “केंद्र सरकार को विरोध करने वाले किसानों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए और इन तीन कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि द्रमुक द्वारा कृषि कानूनों को रद्द करने के वादे पूरे किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने न तो किसानों की भावनाओं का सम्मान किया और तीन कृषि कानूनों को रद्द किया और न ही इस मुद्दे का समाधान खोजने के लिए उनके साथ बातचीत करने के लिए कदम उठाए।

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