सूरत: घरों को जाने के लिए सड़कों पर उतरे प्रवासी मजदूर, जमकर की तोड़फोड़

कोरोना वायरस महामारी पर काबू पाने के लिए जारी लॉक डाउन के बीच गुजरात के सूरत में हजारों मजदूर सड़कों पर निकल आए हैं और जमकर बवाल काटा। अपने उग्र प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने कई वाहन भी फूंक डाले। इस बारे में एक अधिकारी ने बताया कि ये लोग अपने घर लौटने के लिए इंतजाम करने की मांग कर रहे थे। साथ ही अपना भुगतान भी जल्द से जल्द कराए  जाने की मांग भी कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि सूरत के लसगण इलाके में कई लोग सड़कों पर उतर आए और दुकानों में आग लगा दी। मजदूरों ने मांग की कि उन्हें अपने गृह स्थान जाने की परमिशन दी जानी चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल हालात काबू में हैं। कुछ प्रवासी कामगारों को हिरासत में भी लिया गया है।

सूरत के डीसीपी ने जानकारी देते हुए कहा कि सूरत में फंसे बाहर के मजदूरों ने सड़क पर जमकर बवाल काटा और पत्थरबाजी के साथ आगजनी की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 70 लोगों को हिरासत में ले लिया है और यह सभी लोग घर जाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे।

इन मजदूरों में ज्यादातर उड़ीसा के रहने वाले हैं। जो अपने गांव वापस जाना चाहते हैं। वह पिछले कई हफ्तों से सूरत में फंसे हुए हैं और वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने डायमंड नगर और विपुल में पेट्रोलिंग बढ़ाने का फैसला किया है। ताकि फिर से कोई इस तरह की घटना सामने ना सके।

एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि आगजनी की घटना ठीक एक दिन में हुई है, जब गुरुवार रात गुजरात में 116 नए मामलों की सूचना के बाद प्रदेश में कोरोनो वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर 378 हो गई है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के दौरान मामलों में यह सबसे अधिक वृद्धि है। जबकि इस दौरान दो मौ’तें भी हुई हैं, प्रदेश में अब तक कुल 19 लोगों की मौ’त हो चुकी है।


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