Home राष्ट्रिय गौरक्षा के नाम पर देश को नहीं बनने देंगे भीड़तंत्र: सुप्रीम कोर्ट

गौरक्षा के नाम पर देश को नहीं बनने देंगे भीड़तंत्र: सुप्रीम कोर्ट

678
SHARE

गौरक्षा के नाम पर देश में ली जा रही लोगों की जान पर सुप्रीम कोर्ट बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर देश को भीड़तंत्र नहीं बना सकते। कोर्ट ने सरकार से मॉब लिंचिंग की रोक थाम के लिए नया कानून बनाने के लिए कहा है।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने कहा कि विधि सम्मत शासन बना रहे यह सुनिश्चित करते हुए समाज में कानून-व्यवस्था कायम रखना राज्यों का काम है। उसने कहा, ‘नागरिक कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते हैं, वे अपने-आप में कानून नहीं बन सकते।’

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

सुप्रीम अदालत के आदेश सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी द्वारा गोरक्षकों की हिंसा पर जांच करने की मांग की याचिका पर सुनवाई के दौरान आए हैं।

अदालत के आदेश के बाद पूनावाला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि समाज में सभी के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी सरकार की है। भीड़ का शासन नहीं चलने दिया जा सकता।’

बता दें कि साल 2015 में ग्रेटर नोएडा से लगे दादरी इलाक़े में बीफ़ खाने के संदेह में एक बड़ी और उत्तेजित भीड़ ने अख़लाक़ अहमद की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।जिसके बाद से ही ये सिलसिला अब तक जारी है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के हापुड़ में गोकशी के नाम पर कासिम नामक युवक कि पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।

Loading...