CAA के बाद सुप्रीम कोर्ट का एनपीआर पर रोक लगाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही सभी नई याचिकाओं को सीएए की अन्य याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध कर दिया। इन पर पांच सदस्यीय संविधान पीठ करीब तीन सप्ताह बाद सुनवाई करेगी।

बता दें कि एनपीआर पर रोक लगाने के लिए सोमवार को जनहित दायर की गई थी। इस जनहित याचिका में तर्क दिया गया कि आधार में डेटा की सिक्योरिटी की गारंटी है, लेकिन नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियमावली, 2003 के तहत इकट्ठा की जा रही जानकारी के दुरुपयोग से किसी भी सुरक्षा की गारंटी नहीं है।

याचिका में आगे कहा गया कि यह आधार या जनगणना के लिए इकट्ठा की गई जानकारी से काफी अलग है, जिसमें एकत्र की गई सूचना/डेटा को कानून के अनुसार सुरक्षा और सुरक्षा की गारंटी दी जाती है।’ याचिका में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि इकट्टा किए डेटा के कारण नागरिकों की निगरानी हो सकती है।’ हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता की सुनवाई पर एनपीआर प्रक्रिया में तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया।

बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ 144 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की थी , जबकि अभी कुछ और याचिकाएं दायर की जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते बुधवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के क्रियान्वयन के खिलाफ किसी भी तरह के आदेश को पारित करने से इंकार कर दिया था।

पीठ ने कहा कि असम और त्रिपुरा से संबंधित याचिकाओं पर अलग से विचार किया जाएगा क्योंकि इन दो राज्यों की सीएए को लेकर परेशानी देश के अन्य हिस्से से अलग है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि सीएए के अमल और राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) के कार्यक्रम पर रोक लगाने के मुद्दे पर केंद्र का पक्ष सुने बगैर एक पक्षीय आदेश नहीं दिया जाएगा।


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