सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन स्वीकारी

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिली 5 एकड़ जमीन को बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए स्वीकार लिया है। बोर्ड ने इस जमीन के लिए ट्रस्ट गठित कर मस्जिद, हॉस्पिटल और लाइब्रेरी जैसी चीजों का निर्माण कराने का फैसला किया है।

करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में बोर्ड के आठ में से छह सदस्य मौजूद रहे जबकि दो सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया। बैठक में फैसला हुआ कि मस्जिद के लिए बनाया जाने वाला ट्रस्ट एक ऐसा केन्द्र भी स्थापित करेगा जहां इंडो-इस्लामिक सभ्यता दिखेगी। साथ ही इस जमीन पर मस्जिद के साथ चैरिटेबल हॉस्पिटल, अध्ययन केन्द्र और पब्लिक लाइब्रेरी के अलावा समाज की उपयोगिता की अन्य चीजें भी बनाई जाएंगी।

बैठक का बहिष्कार करने वाले लोगों का कहना है कि शरीयत मस्जिद के बदले कुछ भी लेने की इजाजत नहीं देती है। बोर्ड को सरकारी जमीन नहीं लेनी चाहिए। बता दें कि यूपी सरकार की ओर से अयोध्या के रौनाही में मस्जिद के लिए पांच एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है।

अयोध्या से लगभग 20 किमी. दूर रौनाही के धन्नीपुर  में ये जमीन दी गई है। धन्नीपुर गांव मुस्लिम बाहुल्य माना जाता है। उसके आस-पास 20 मस्जिद पहले से ही हैं। धन्नीपुर निवासी मोहम्मद शादाब ने बताया कि वहां आसपास मस्जिद तो कई हैं लेकिन कोई अस्पताल व लाइब्रेरी नहीं है। ऐसे में अगर अस्पताल व लाइब्रेरी खुलती है तो इससे सभी धर्मों के लोगों का फायदा होगा। धन्नीपुर निवासी इसे नई उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं।


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