कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की और से अजमेर उर्स में चढ़ाई चादर

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 808वें उर्स के अवसर पर अजमेर दरगाह में रविवार को चादर पेश की गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ने ख्वाजा साहब के आस्ताने पर चादर पेश की।

नदीम जावेद ने सोनिया गांधी का संदेश पढ़ा। सोनिया गांधी ने अपने संदेश में जायरीन ए ख्वाजा को उर्स की मुबारकबाद पेश की और आशा जताई कि देश में चल रहे नफरत के माहौल की शिकस्त होगी। देश में आपसी मोहब्बत का वातावरण बनेगा। सोनिया गांधी ने अपने संदेश में कहा कि ये महज एक अकीदत की चादर ही नहीं बल्कि गंगा जमुनी तहजीब, कौमी एकता, प्यार और मोहब्बत की निशानी है।

ये चादर सदियों की रिवायत का सरमाया है। ये वो रस्म है कि जिसको संभाल कर रखने की जिम्मेदारी हम सब पर है, क्योंकि इन्हीं बुजुर्गों की दुआओं के सदके में हमने प्यार और मोहब्बत का तवील सफर तय किया है। अकीदत की चादर दरबार में भेजने की रवायात बहुत पहले से जारी है और मुस्तकबिल में भी यूं ही जारी रहेगी।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मैं उर्स में आने वाले तमाम जायरीन को मुबारकबाद पेश करती हूं। मैं इस मौके पर आप सबसे गुजारिश करती हू कि आप सब रूहानियत के ताजदार गरीब नवाज की बारगाह में हमारे मुल्क में अमन-ओ-अमान और आपसी भाई चारे और तरक्की के लिए दुआ करें। इसलिए कि गरीब नवाज का फरमान है मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं। इस फरमान पर हम सब हमवतन अमल करें, यही मेरी उम्मीद और दुआ है। गरीब नवाज के आस्ताने पर डाली के हर फूल आते है। मुझे उम्मीद है कि हमारी दुआ जरूर कुबूल होगी और मुल्क में अमन कायम होगा और नफरत की शिकस्त होगी।

इस दौरान कड़े सुरक्षा पहरे में नेताओं को जन्नती दरवाजे से होते हुए आस्ताना शरीफ ले जाया गया। मजार शरीफ पर अकीदत का नजराना पेश किया गया। खादिम सैयद जकरिया गुर्देजी ने जियारत कराई दस्तारबंदी की और तबर्रुक भेंट किया। अंजुमन पदाधिकारियों ने भी स्वागत किया।


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