सिख जत्थेबंदियों और अकाली दल ने 15 अगस्त को मनाया काला दिवस, लगाए खालिस्तान के नारे

कोरोना संकट के बावजूद देश भर में 74वां स्वतंत्रता दिवस बड़ी खुशी के साथ मनाया गया तो दूसरी और पंजाब में दल खालसा और शिरोमणि अकाली दल ने आज के इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया। गुरदासपुर शहर के बाजारों में काला झंडा लहरा कर रोष मार्च निकाला गया। वहीं अमृतसर के लोगों ने डॉ. भीम राव अंबेडकर चौक पर खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए।

खालसा और शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के नेताओं ने कहा कि 15 अगस्त को चाहे देश आजाद हो गया था परन्तु सिख आजाद नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वह देश में गुलाम है और उनको कोई हक नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई न होने के कारण यह प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने काला दिवस मनाने का मुख्य कारण बताते कहा कि जो केंद्र सरकार ने यू.ए.पी.ए. और देश द्रोह जैसे काले कानून को लगाया है, जिसके जरिये कम संख्या भाईचारे के खिलाफ दुरुपयोग किया जा रहा है।

वहीं जालंधर पुलिस के डीसीपी गुरमीत सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ 188 का उल्लंघन करने, चेहरे को कवर नहीं करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इससे पहले शुक्रवार को पंजाब के मोगा में डीसी कार्यालय के ऊपर खालिस्‍तानी झंडा फहराने का मामला सामने आया है। दो लोगों ने मोगा जिला प्रशासन कॉम्प्लेक्स के छत पर केसरी रंग का झंडा फहराया, जिसपर खालिस्तान लिखा था। इतना ही नहीं दोनों ने जाते वक्त DC ऑफिस के बाहर लगे राष्ट्रीय ध्वज की रस्सी काट दी, जिससे तिरंगा नीचे गिर गया। पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ देशद्रोह समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।

मोगा के डीसी संदीप हंस ने कहा, यह एक ऐसा कार्य है जो न केवल घृणित और कायरतापूर्ण है, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी है। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्‍वतंत्रता दिवस से पहले ही खालिस्‍तान समर्थकों की संभावित हरकतों की आशंका के चलते राज्‍यभर में अलर्ट है।


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