इंडिगो के सात पायलट की खैर नहीं, सैलरी को लेकर आपत्तिजनक भाषा में कोस रहे थे एयरलाइन को, अनजाने में कर गए इमरजेंसी फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल

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Seven pilots of Indigo were not well, were cursing the airline in objectionable language regarding salary, inadvertently used emergency frequency

अक्सर ऐसा होता है कि इंप्लाइज अपनी सैलरी से खुश नहीं होते हैं जिसके चलते वो जिस कंपनी में काम करते हैं उसको कुछ ना कुछ कहते रहते हैं और कोसते रहते हैं लेकिन अगर आप यह सोचे कि आप जिस कंपनी के बारे में अपने दोस्तों से बात कर रहे हो अगर उसी कंपनी के लोगही सुन ले तो क्या हो, तो बस और क्या है आपकी तो जॉब जानी जानी है।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है इंडिया में इंडिगो फ्लाइट का जिसमें कुछ पायलट आपस में सैलरी को लेकर के इंडिगो कंपनी को कोस रहे थे लेकिन उनको यह खबर नहीं थी कि वो इमरजेंसी फ्रीक्वेंसी पर बात कर रहे हैं और उनकी बात सुनी जा रही है ये पायलट आपत्तिजनक भाषा में सैलरी को लेकर बातें कर रहे थे और कंपनी को बुरा भला कह रहे थे जिसके बाद इन पायलट पर गाज गिरी है।

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भारतीय एरलाइन कंपनी इंडिगो के कम से कम सात पायलट इमरजेंसी फ्रिक्वेंसी पर सैलरी से जुड़े मुद्दों परआपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए बात करते हुए पाय गए है । इन पर अब कार्यवाही होगी पायलटो को कम वेतन के मुद्दे पर 121.5 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी पर आपत्तिजनक भाषा में अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पाया गया था।

दरअसल इस ‘फ्रीक्वेंसी’ का उपयोग विमान के मुसीबत में होने पर इमरजेंसी कम्यूनिकेशन के लिए किया जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार विमानन महानिदेशालय यानी (DGCA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है हालाँकि अभी इंडिगो का इस पर कोई बयान नहीं जारी हुआ है।

वही जबकि विभिन्न विमानों के पायलट के बीच हवाई क्षेत्र में संचार के लिए ‘123.45 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी’ का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी निगरानी नहीं की जाती है। इस घटना के कुछ दिन पहले ही वेतन में कटौती के चलते कुछ पायलट हड़ताल पर जा रहे थे जिन्हे निलंबित कर दिया गया था। कोविद के दौरान पायलटों के वेतन में 30 प्रतिशत तक की कटौती की थी

 

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