लॉकडाउन में राहत के नाम पर घोटाला – 10 किलो के पैकेट में निकल रहा सात किलो आटा

मध्यप्रदेश में लॉकडाउन के बीच आटा घोटाला सामने आया है। ग्वालियर में गरीबो को शासकीय राशन दुकानों द्वारा बांटे जा रहे 10 किलो आटे के पैकेट में तीन किलो आटा कम निकल रहा है। जिसका खुलासा कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने किया है।

दरअसल, पैकेटों में लगातार आटा कम निकलने की शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद  शुक्रवार को सुबह लश्कर क्षेत्र के लोगों ने विधायक प्रवीण पाठक से शिकायत की। वे दौलतगंज स्थित एक सेंटर पर पहुंचे तो उनके सामने तौले गए पैकेट में भी साढ़े सात किलो आटा निकला। विधायक का कहना था कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।

विधायक प्रवीण पाठक ने बताया कि लगभग 70 लाख आटा पैकेट प्रशासन द्वारा बांटे जाना है, इस लिहाज से लगभग 18000 टन आटे की हेराफेरी से करोड़ों रुपये का घोटाला किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने शासन से दुकानों पर छापा डालकर स्टाक सील करने की मांग की है। ताकि कोरोना जैसी भयानक त्रासदी में भी भ्रष्टाचारियों को बेनकाब किया जा सके।

आटे के कट्टों में गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग के अधिकारियों ने एक किलो आटा कम होने की बात स्वीकार की है। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह ने कहा कि 100 किलो गेहूं देने के बदले फ्लोर मिल संचालकों ने 90 किलो आटा दिया है।

पीडीएस के माध्यम से पात्र परिवारों को बांटे जा रहे आटा पैकेट का वजन 10 किलो से कम होने की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। इसकी जांच अपर कलेक्टर टीएन सिंह व संयुक्त कलेक्टर विनोद भार्गव को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर


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