लक्षद्वीप: मिडडे मील में मिलता रहेगा बीफ और चिकन, केरल हाईकोर्ट ने प्रतिबंध पर लगाई रोक

लक्षद्वीप प्रशासन को झटका देते हुए केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को द्वीप प्रशासन द्वारा जारी दो विवादास्पद आदेशों पर रोक लगा दी।

कोर्ट ने लक्षद्वीप प्रशासक प्रफुल पटेल के उन आदेशों पर रोक लगाई गई है, जिनमे मिडडे मील से गोमांस और चिकन को हटाने और द्वीप के सभी डेयरी फार्मों को बंद करने का निर्णय शामिल है। अदालत द्वीप पर रहने वाले अधिवक्ता ए अकबर द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

अदालत ने इस तरह के आदेश पारित करने के पीछे का कारण पूछा, तो केंद्र ने जवाब दिया कि चूंकि मांस के भंडारण की कोई उचित सुविधा नहीं थी, इसलिए इसे मेनू से हटाने का निर्णय लिया गया।

पशुपालन विभाग द्वारा डेयरी फार्मों को बंद करने का कारण यह था कि ऐसे फार्म आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं पाए गए। अदालत ने, हालांकि, इन कारणों को वैध नहीं पाया और अगली सूचना तक दोनों आदेशों पर रोक लगा दी। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

नए द्वीप प्रशासक के रूप में गुजरात के पूर्व मंत्री प्रफुल खोड़ा पटेल की नियुक्ति के बाद से नए आदेशों के सामने आने के बाद द्वीप पर लगातार प्रदर्शन हो रहे है। द्वीपवासियों को लगता है कि यह उनकी संस्कृति और परंपराओं का उल्लंघन है।