लक्षद्वीप में एक्टिविस्ट आयशा सुल्ताना पर राजद्रोह का केस, बीजेपी में शुरू हुआ इस्तीफ़ो का सिलसिला

लक्षद्वीप की रहने वाली फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना के खिलाफ दर्ज हुए राजद्रोह केस के विरोध में बीजेपी में बगावत शुरू हो चुकी है। केस के विरोध में पार्टी के 15 नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। दरअसल, आयशा ने  प्रशासक प्रफुल्ल पटेल को जैविक हथि’यार करार दिया। जिसके कारण उन पर ये मुक’दमा दर्ज किया गया।

इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि आयशा सुल्ताना पर लगाए गए आरोप गलत और झूठे हैं। इन नेताओं ने कहा कि वह आयशा सुल्तान के फैसले के साथ हैं। लक्षद्वीप में भाजपा के चीफ सी अब्दुल खादर हाजी की शिकायत पर बता दें कावारत्ती पुलिस ने आयशा के खिलाफ केस दर्ज किया है।

बीजेपी नेताओं ने अपने पत्र में लिखा है कि हाजी द्वारा लगाए गए आरोप सही नहीं हैं और वह सुल्ताना के साथ उनके परिवार का भविष्य ख़त्म करना चाहते हैं। उन्होंने सुल्ताना का पक्ष रखते हुए कहा कि वह केवल लक्षद्वीप के लोगों के हित की बात कर रही थीं। नेताओं ने यह भी कहा कि भाजपा भी जानती है कि प्रफुल पटेल किस तरह से ‘अलोकतांत्रिक, जनताविरोधी और गलत काम कर रहे हैं।’

पार्टी से इस्तीफा देने वालों में भाजपा के राज्य सचिव अब्दुल हामिद मुल्लीपुरा, वक्फ बोर्ड के सदस्य उम्मुल कुलूस पुथियापुरा, खादी बोर्ड के सदस्य सैफुल्ला पक्कियोडा, चेतलाट इकाई के सचिव जाबिर सलीहथ मंजिल और पार्टी कार्यकर्ताओं  शामिल हैं।

बता दे कि प्रशासक प्रफुल्ल पटेल पर लक्षद्वीप में आरएसएस का एजेंडा लागू करने के आरोप लग रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह द्वीप को कश्मीर बनाना चाहते है।