SC ने ख्वाजा साहब पर विवादित टिप्पणी मामले में अगली सुनवाई तक अमीश देवगन के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाई

विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (रह) को लुटेरा बताकर अपमानित करने के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान न्यूज 18 के पत्रकार अमिश देवगन (Amish Devgan)  को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अमीश देवगन के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर पर जांच और इन एफआईआर पर कठोर कार्रवाई करने पर सुनवाई की अगली तारीख तक रोक लगा दी। सके साथ ही कोर्ट ने राज्य व शिकायतकर्ताओं को नोटिस जारी करते हुए आठ जुलाई तक जवाब मांगा है।

कोर्ट में देवगन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि उनके मुवक्किल ने अपने शो के दौरान अनजाने में त्रुटि की थी। जिसके लिए उन्होंने बाद में सार्वजनिक माफी भी मांगी थी। लेकिन पत्रकार के खिलाफ ‘जुबान फिसलने’ के कारण एफआईआर दर्ज करना अन्यायपूर्ण है और उत्पीड़न के दायरे में है।

महाराष्ट्र के दो शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील रिजवान मर्चेंट ने कहा कि देवगन ने अपने शो के दौरान एक बार से ज्यादा “लुटेरा चिश्ती” शब्द का इस्तेमाल किया। वकील सिद्धार्थ लूथरा के साथ साथ एडवोकेट मृणाल भारती और विवेक जैन ने इस मामले में पैरवी की।

बताते चलें कि पत्रकार अमीश देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें मंबई में उनके खिलाफ दायर एफआईआर को रदद करने की मांग की गई है। इस याचिका पर आज सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये फैसला दिया है। अमीश के खिलाफ कांग्रेस नेता जीशान सिद्दीकी ने भी मुंबई के निर्मल नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मुक़दमा 295A IPC के तहत दर्ज किया गया है जो गैरजमानती अपराध की श्रेणी में आता है।


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