वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को SC ने दिया अवमानना केस में दोषी करार

सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर वकील प्रशांत भूषण को अवमानना केस में दोषी करार दिया है। 20 अगस्त को प्रशांत भूषण की सजा पर सुनवाई होगी। जस्टिस अरूण मिश्रा,जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एसए बोबड़े और चार पूर्व सीजेआई को लेकर प्रशांत भूषण की ओर से किए गए दो अलग-अलग ट्वीट्स पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी। सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को नोटिस भेजा था।

बता दें कि 2009 में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने जजों पर आरोप लगाए थे। 2009 में एक इंटरव्यू में प्रशांत भूषण ने 8 पूर्व चीफ जस्टिस को भ्रष्ट बताया था। भूषण के इसी बयान के बाद उन्हें अवमानना का नोटिस भेजा गया था। जिसके बाद प्रशांत भूषण ने अपनी सफाई भी दी।

भूषण के ऑफिस द्वारा जारी सफाई में कहा गया, ‘साल 2009 में तहलका को दिए साक्षात्कार में मैंने व्यापक अर्थ में भ्रष्टाचार शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसका मतलब था नैतिकता की कमी। मेरा अर्थ सिर्फ वित्तीय भ्रष्टाचार या किसी प्रकार के आर्थिक लाभ पाने से नहीं था। मैंने जो कुछ कहा, अगर उससे उन्हें या उनके परिवारवालों को किसी भी तरह से ठेस पहुंची है तो मुझे इसका खेद है।’

भूषण ने कहा था, ‘मैं न्यायपालिका की संस्था का समर्थन करता हूं विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट का, जिसका मैं हिस्सा हूं और मेरी न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को कम करने की कोई मंशा नहीं थी, जिसमें मेरा पूर्ण विश्वास है। मुझे खेद है कि मेरे साक्षात्कार को गलत संदर्भ में लिया गया।’


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