No menu items!
23.1 C
New Delhi
Thursday, October 21, 2021

‘कोरोना माता’ मंदिर गिराए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची महिला, लग गया बड़ा जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में “कोरोना माता मंदिर” गिराए जाने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने वाली एक महिला पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने दीपमाला श्रीवास्तव नाम की महिला द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसने अपने पति के साथ कथित तौर पर एक विवादित भूमि पर मंदिर का निर्माण किया था।

शीर्ष अदालत ने यह कहते हुए महिला पर यह जुर्माना लगाया कि यह इस न्यायालय के अधिकार क्षेत्र की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

बेंच ने अपने आदेश में कहा, “हमारा विचार है कि यह स्पष्ट रूप से भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस न्यायालय के अधिकार क्षेत्र की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। रिट याचिका को चार सप्ताह के भीतर ‘सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड वेलफेयर फंड’ में जमा करने के लिए 5,000 रुपये की लागत के साथ खारिज कर दिया जाता है, “

प्रतापगढ़ के शुक्लपुर गांव में एक नीम के पेड़ के नीचे “कोरोना माता मंदिर” का निर्माण इस उम्मीद में किया गया था कि देवी के आशीर्वाद से महामारी से निपटने में मदद मिलेगी।

कथित तौर पर, ग्रामीणों ने “कोरोना माता” की प्रार्थना इस उम्मीद के साथ करना शुरू कर दिया था कि “कोविड -19 की छाया कभी भी शुक्लापुर और आसपास के गांवों पर न पड़े”। मंदिर 7 जून 2021 को बनाया गया था और 11 जून को तोड़ा गया था।

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Get in Touch

0FansLike
2,986FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Posts