रिजर्व बैंक ने मोदी सरकार को दी 57,128 करोड़ रुपये का लाभांश देने की मंजूरी

भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड ने मोदी सरकार को 57,128 करोड़ रुपये के लाभांश को देने की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की 584 वीं बैठक में लिया गया।

बोर्ड ने वर्तमान आर्थिक स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ महामारी के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए उठाए गए अन्य उपायों की भी समीक्षा की आऱबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘बोर्ड ने 57,128 करोड़ रुपये के सरप्लस को केंद्र सरकार को ट्रांसफर करने का फैसला लिया है। यह रकम वित्त वर्ष 2019-20 के लिए होगी।’

बता दें कि बीते साल भी आरबीआई बोर्ड ने केंद्र सरकार 1,76,051 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर करने का फैसला लिया था। इसमें से 1,23,414 करो़ड़ रुपये 2018-19 के लाभांश के तौर पर दिए जाने थे। इसके अलावा 52,637 करोड़ रुपये इकनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क के तौर पर दिए गए।

रिजर्व बैंक का सरप्लस या अधिशेष राशि वह होती है जो वह सरकार को दे सकता है। रिजर्व बैंक को अपनी आय में किसी तरह का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। इसलिए अपनी जरूरतें पूरी करने, जरूरी प्रावधान और जरूरी निवेश के बाद जो राशि बचती है वह सरप्लस फंड होती है जिसे उसे सरकार को देना होता है।

फाइनेंशियल ईयर 2019 में भारत सरकार ने आरबीआई से 28,000 करोड़ रुपये की रकम अंतरिम लाभांश के तौर पर ली थी। इसके अलावा 10,000 करोड़ रुपये की पूंजी वित्त वर्ष 2018 में अंतरिम लाभांश के तौर पर ली थी।


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