कोरोना: रिजर्व बैंक ने रिवर्स रेपो रेट में की कमी, इकॉनमी को बचाने के लिए 7 बड़े ऐलान

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से देशभर में जारी लॉकडाउन (Lockdown) के बीच अर्थव्यवस्था का पहिया पूरी तरह से थम चुका है। ऐसे में शुक्रवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से बड़े ऐलान किए गए। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती का ऐलान किया।

शक्तिकांत दास ने कहा, कुछ फाइनेंशियल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। क्रूड ऑयल की कीमतों में भी तेजी नरमी बनी हुई है। OPEC देशों ने क्रूड के प्रोडक्शन में कमी का फैसला कर लिया है। IMF के अनुमान के मुताबिक, भारत कोरोना वायरस संकट के बाद फिस्कल ईयर 2022 में देश के GDP की ग्रोथ 7.4 फीसदी रह सकती है। भारत की विकास दर 1.9 रहने का अनुमान है।

रिजर्व बैंक की ओर से बड़ी राहत देते हुए रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की गई है, इसी के साथ अब ये 3.75 फीसदी हो गई है। नकदी संकट को दूर करने के लिए बैंक की तरफ से बाजार में 50 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम किया जाएगा, ताकि नकदी में किसी तरह की कमी ना आए। इसके लिए TLTRO का ऐलान किया गया है।

शक्तिकांत दास ने कहा कि इस संकट के बीच भी कृषि क्षेत्र टिकाऊ है, हमारे पास बफर स्टॉक है। उन्होंने कहा कि इस साल मॉनसून की बारिश अच्छा रहने का अनुमान है, फरवरी में ट्रैक्टर की बिक्री में अच्छी बढ़त हुई थी। आरबीआई गवर्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मार्च 2020 में निर्यात में भारी गिरावट आई है, इसके बावजूद विदेशी मुद्रा भंडार 476 अरब डॉलर का है जो 11 महीने के आयात के लिए काफी है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इकोनॉमी में ग्रोथ के लिए नाबार्ड को 25 हजार करोड़ रुपये, सिडबी को 15 हजार करोड़ रुपये और हाउसिंग फाइनेंस बैंक को 10 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इससे एनबीएफसी, एमएसएमई, रियल एस्टेट को नकदी की किल्लत दूर होगी। गवर्नर ने कहा कि अगले नोटिस तक बैंक डिविडेंड का ऐलाना नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, बैंक मुनाफे से डिविडेंड नहीं देंगे।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE