रामदेव बोले – जब चाहता पीएम या राष्ट्रपति बन सकता था और अब भी बन सकता हूं

बीजेपी और आरएसएस के बेहद ही करीब योग गुरु रामदेव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि वह जब चाहे प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकते थे। उन्होने ये भी कहा कि वे अब भी जब चाहे प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकते है।

एक इंटरव्यू के दौरान उन्होने कहा था कि उन्होंने अपनी जिंदगी में जो पाया है खुद के दम पर पाया है। किसी की मेहरबानी से नहीं पाया है। न तो किसी कारपोरेट न ही किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति की मेहरबानी से कुछ हासिल किया है। वे चाहते तो देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकते थे। आगे भी बन सकते हैं लेकिन उन्हें वह पद चाहिए ही नहीं। वह उसके लिए बने नहीं हैं। वे योग के लिए बने हैं।

रामदेव बीते दिनों लोपैथी के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर काफी चर्चा में रहे है। देश भर में उनके खिलाफ कई एफ़आईआर दर्ज हुई। जिसने बचने के लिए उन्होने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है। ताकि उनके खिलाफ दं’डात्मक कार्रवाई न हो।

दरअसल एक वीडियो में, रामदेव को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया था, “एलोपैथी एक बेवकूफ विज्ञान है और दवाएं जैसे रेमेडिसविर, फैबीफ्लू, और भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल द्वारा अनुमोदित अन्य दवाएं CO’VID-19 रोगियों के इलाज में विफल रही हैं।”

जिसके बाद रामदेव के खिलाफ देश के कई राज्यों में भारतीय दंड की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा), 269 (जीवन के लिए खत’रनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने की लापरवाही से काम करने की संभावना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अन्य प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया गया।