CAA पर बोले राहत इंदौरी – किसी पढ़े-लिखे आदमी से संविधान समझने की करें कोशिश

इंदौर: मशहूर शायर राहत इंदौरी ने नागरिकता कानून को लेकर पीएम मोदी पर तंज़ कसा है। उन्होने कहा कि पीएम मोदी को किसी पढ़े-लिखे आदमी से संविधान समझने की करनी चाहिए।

शहर के बड़वाली चौकी इलाके में जारी विरोध प्रदर्शन के मंच से गुरुवार को उन्होने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दरख्वास्त करना चाहूंगा कि अगर वह संविधान पढ़ नहीं पाये हैं, तो किसी पढ़े-लिखे आदमी को बुला लें और उससे संविधान पढ़वाकर समझने की कोशिश करें कि इसमें क्या लिखा है और क्या नहीं।”

न्होंने सीएए, एनपीआर और एनआरसी के मुद्दों पर दिल्ली के शाहीन बाग और इंदौर के अलग-अलग इलाकों में जारी विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा, “यह लड़ाई भारत के हर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई की लड़ाई है। हम सबको मिलकर यह लड़ाई लड़नी है।”

फैज अहमद फैज की नज्म “हम देखेंगे, लाजिम है कि हम भी देखेंगे” को एक धर्मविशेष के खिलाफ बताये जाने के विवाद की ओर सीधा इशारा करते हुए इंदौरी ने कहा कि कुछ लोगों ने फैज की इस रचना का मतलब ही बदल दिया।

इस दौरान उन्होने अपना मशहूर शेर भी सुनाया, “सभी का खू’न है शामिल यहां की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है।” उन्होंने कहा कि यह बात अफसोसनाक है कि उनके इस शेर को मीडिया और कुछ लोगों ने केवल मुसलमानों से जोड़ दिया है, जबकि इस शेर का ताल्लुक हर उस भारतीय नागरिक से है जो अपनी मातृभूमि के लिये जान तक कुर्बान करने का जज्बा रखता है।


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