अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू, उठा सवाल – फिर मस्जिदों पर पाबंदी क्यों?

जम्मू: देश में कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। भारत विश्व का तीसरा सर्वाधिक कोरोना के मामलों वाला देश बन चुका है। बावजूद अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन की तैयारियां जोरों पर है। हालांकि अमरनाथ यात्रा की शुरुआत को लेकर फिलहाल किसी तारीख का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।

प्रशासन की और से यात्रा के लिए सड़क मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रदेश के एंट्री पॉइंट लखनपुर में विशेष टर्मिनल बनाए जाएंगे। इन टर्मिनल्स पर बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए पहुंच रहे भक्तों के लिए काउंटर बनाए जाएंगे, जिनमें श्रद्धालुओं के पंजीकरण के साथ ही उनके कोरोना संक्रमण की भी जांच होगी।

यात्रा से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेने लखनपुर पहुंचे जम्मू के डिविजनल कमिश्नर संजीव वर्मा ने कठुआ में जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिया कि जिले में यात्रियों के ठहरने के प्रबंध भी किए जाए, ताकि अगर किसी वजह से यात्रा को रोका जाता है तो कुछ यात्रियों को कठुआ में ही रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियो को यात्रियों के लिए पीने के पानी, टॉयलेट्स समेत कोरोना से बचने के जरूरी प्रोटोकॉल्स के पालन पर ध्यान देने को कहा।

कोरोना महामारी के बीच अमरनाथ यात्रा कराये जाने को लेकर सवाल उठना शुरू हो गए है। एक टीवी चैनल पर बहस के दौरान पैनलिस्ट बाबर कादरी ने सवाल उठाया कि हमारी मस्जिदें बंद हैं और आप यात्रा करा रहे हैं।

इस पर बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कश्मीर में एक तबका ऐसा है ना जो इस इंतजार में रहता है कि कितने ज्यादा लोग हताहत हुए बस इन लोगों का काम बन जाता है। मैं पूछना चाहता हूं जो लोग आज इसकी बात कर रहे हैं, उनसे पूछना चाहता हूं कश्मीरियत का सबसे पुराना सिंबल क्या है? क्या चीज है जो कश्मीरियत को रिप्रेजेंट करती है। सबसे पुराना और सबसे बड़ा कश्मीरियत का सिंबल अमरनाथ है।

इस बीच बाबर कादरी ने कहा कि हमारी जामा मस्जिद एक साल से बंद है आप यात्रा करा रहे हैं। इसपर टीवी एंकर ने बाबर कादरी को शांत कराया और उन्हें अपनी बारी पर बोलने के लिए कहा।


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