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शर्मनाक: आधार कार्ड नही होने पर गर्भवती महिला को नही किया भर्ती, हॉस्पिटल के बाहर दिया बच्चे को जन्म

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गुरुग्राम । एक देश के लिए इससे शर्मनाक कुछ नही हो सकता की एक गर्भवती महिला को अस्पताल के बाहर बच्चे को जन्म देना पड़े। जबकि हमारे देश में ऐसी घटनाए आम है। कभी पैसे नही होने के एवज़ में तो कभी कोई दस्तावेज़ नही होने पर मरीज़ को अस्पताल से लौटा दिया जाता है। हमेशा इंसानियत की बात करने वाले हमारे राजनेता ऐसे मामलों में कही खोए हुए नज़र आते है। यही वो भारत महान है जहाँ एक बच्ची भात भात कहते हुए मर जाती है लेकिन देश नीति निर्धारक कुछ नही बोलते।

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हरियाणा की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली गुरुग्राम में भी इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना हुई। यहाँ एक गर्भवती महिला आधार कार्ड न होने की वजह से अस्पताल में भर्ती नही की गयी। वह दर्द से तड़पती रही लेकिन कोई सुनने वाला नही था। न ही अस्पताल प्रशासन और न ही पुलिस। लेकिन कहते है की ऊपर वाला सबका ख़याल रखता है। गर्भवती महिला ने अस्पताल के बाहर बच्चे को जन्म दिया।

इसमें महिला की मदद , अस्पताल के बाहर बैठी कुछ महिलाओं ने की। मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश निवासी बबलू अपनी पत्नी के साथ गुड़गांव की शीतला कॉलोनी के ई-ब्लॉक में रहते हैं। शकवर को जब बबलू की पत्नी को लेबर पेन शुरू हुआ तो उसने एम्बुलेंस को फ़ोन किया। थोड़ी देर में एम्बुलेंस बबलू की पत्नी को लेकर सिविल अस्पताल पहुँची। यहाँ ओपीडी रेजिस्ट्रेशन के लिए बबलू से आधार नही माँग गया।

लेकिन जब उसकी पत्नी को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया तो वहाँ उन्होंने आधार कार्ड की माँग की। बबलू ने बताया की उसने अपना आधार नम्बर उन्हें बताया लेकिन उन्होंने हार्ड कापी की माँग की। इसके बाद वह पास के साइबर कैफ़े में पहुँचा लेकिन यहाँ भी उसे मायूसी हाथ लगी। आधार कार्ड न निकलता देख बबलू वापिस अस्पताल पहुँचा लेकिन उन्होंने गर्भवती महिला को भर्ती करने से इंकार कर दिया।

इस दौरान बबलू ने उनकी काफ़ी मिन्नते की लेकिन वह नही माने। बबलू के अनुसार उसने वहाँ खड़े पुलिस वालों से भी मदद माँगी लेकिन उन्होंने भी इंकार कर दिया। इसके बाद दर्द से तड़पती उसकी पत्नी जब इमरजेंसी वार्ड से बाहर निकली तो वह वही पार्किंग में बैठ गयी। दर्द से तड़पती गर्भवती महिला को जब पार्किंग में बैठी कुछ महिलाओं ने देखा तो उन्होंने शॉल की दीवार बनकर महिला की डिलीवरी की। फ़िलहाल अस्पताल प्रशासन में मामले में कार्यवाही करते हुए दो कर्मचारियों का कॉंट्रैक्ट ख़त्म कर दिया है।

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