बिहार चुनाव से पहले EC का बड़ा फैसला – सीनियर सिटीजन को दिया पोस्टल बैलेट से मतदान का विकल्प

कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण और आगामी बिहार चुनाव के मद्देनजर भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने बड़ा फैसला लिया है। कोरोना को देखते हुए चुनाव आयोग ने 65 साल की उम्र से अधिक के लोगों को पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अनुमति दे दी है।

कानून और न्याय मंत्रालय ने साल 2020 के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की है, जिसके मुताबिक 65 साल से ज्यादा उम्र के वोटर्स और होम/संस्थागत क्वारेंटीन में रह रहे कोविड पेशेंट को पोस्टल बैलेट की सुविधा दी जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले पोस्टल बैलेट का अधिकार 80 वर्ष तक के बुजुर्ग और दिव्यांगजनों को प्राप्त था।

पिछले साल 22 अक्टूबर को कानून मंत्रालय द्वारा अधिसूचना के मुताबिक चुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए 80 साल के अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा दी गई थी। उस वक्त मंत्रालय ने मतपत्र से मताधिकार देने के लिए निर्वाचन संचालन नियम 1961 में संशोधन करते हुए इन्हें ‘अनुपस्थित मतदाता’ की श्रेणी में शामिल किया था।

इसके अंतर्गत कोरोना रोगियों के संबंध में कहा है कि व्यक्ति जिसकी किसी सरकारी अस्पताल या कोविड अस्पताल के रूप में सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त अस्पताल द्वारा कोविड 19 से ग्रस्त के रूप में जांच की गई है। या जो कोविड 19 के कारण होम क्वारंटीन या संस्थागत क्वारंटीन के अधीन है। या जिन्हें ऐसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा जो कि राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा अधिसूचित किया जाए, प्रमाणित किया गया है।

मौजूदा व्यवस्था में सेना, अर्ध सैनिक बलों के जवानों और विदेशों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों व निर्वाचन ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को ही डाक मतपत्र से वोट देने का अधिकार प्राप्त है।


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