भोजन की मांग को लेकर गरीबों ने अपने दरवाजों पर बजाई थालियां

बीते 17 दिनों से जारी लॉकडाउन से राशन के अभाव में गरीब लोग भूखे मरने की कगार पर आ गए है। ऐसे में आज गरीबों ने अपने दरवाजों पर खड़े होकर भोजन के लिए थालियां बजाई।

भाकपा-माले के आह्वान पर बिहार में रविवार को दलित-गरीब, दिहाड़ी मजदूर और कामकाजी लोगों ने थालियां बजायीं। वे दोपहर दो बजे थाली पीटने के अभियान में शामिल हुए और  सरकारों से महज भाषण देने की बजाए तत्काल राशन उपलब्ध कराने की मांग की।

भाकपा का कहना है कि सरकार ने घोषणा की थी कि सभी गरीबों को तीन महीने का राशन मुफ्त में दिया जाएगा। सभी को एक-एक हजार रुपये दिया जाएगा। मगर आज तक किसी मजदूर को सरकार की तरफ से मुफ्त में राशन नहीं मिला न तो रुपया मिला। बहुत मजदूर के पास न तो राशन कार्ड है, न कोई सरकारी सुविधा। जब से देश में करोना वायरस को लेकर लॉकडाउन लगा है। हालत यह आ गया कि बाल-बच्चे खाने को तरस रहे हैं।

भाकपा-माले के बेगूसराय से जिला सचिव दिवाकर कुमार बताया कि गरीबों ने थाली पीटकर प्रतिमाह 50 किलो गेहूं, 50 किलो चावल, दाल, तेल, नमक, आलू सहित 10-10 हजार रुपये नकदी की मांग की। जिला सचिव ने कहा कि लॉकडाउन के तीन सप्ताह गुजर जाने के बाद भी सरकार राशन मुहैया कराने में विफल रही है।

पटना के दीघा के हरिपुर कॉलोनी,  अशोक नगर, कंकड़बाग, आशियाना के भोला पासवान शास्त्री नगर, कंकड़बाग के आरएमएस कॉलनी, कंकड़बाग के हरिजन टोली – चांगर हरिजन टोली, अशोक नगर रोड नंबर 11 मजदूर अड्डा, कंकड़बाग रेनबो फील्ड झुग्गी झोपड़ी, रामकृष्णनगर के भूपतिपुर मांझी टोला व इंडियन गैस गोदाम के पास निर्माण मजदूरों के बीच, पूरबी लोहानीपुर खाद पर, पटना नगर के रूकनपुरा, चितकोहरा आदि स्थानों पर सैंकड़ों शहरी गरीबों ने थाली पीटने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।


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