मुस्लिमों के खिलाफ की थी आपत्तिजनक टिप्पणी, लालचंदानी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज

उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल काॅलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने कानपुर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। बता दें उन पर मुस्लिमों के खिलाफ इस्लामोंफोबिक टिप्पणी करने का आरोप है।

हाल ही में डॉ. आरती लालचंदानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसे पूर्व सांसद और भाकपा (एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने विडियो को शेयर करते हुए कहा था कि प्राचार्य असंवैधानिक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को जो अस्पताल लाए गए थे, उन्हें आतंकवादी बता रही हैं। उन्हें सरकारी मदद से वंचित रखने और उनका इलाज नहीं होना चाहिए की बात कर रही हैं। पूर्व सांसद ने जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। वीडियो सही पाए जाने पर प्राचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई।

जनता का रिपोर्टर के मुताबिक अपनी शिकायत में सुप्रीम कोर्ट के वकील अली जैदी ने लिखा, “मैं डॉक्टर आरती लालचनंदानी, जो कानपुर के गणेश विधाती मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल हैं उनके खिलाफ नीचे बताई गई धाराओं के तहत F.I.R के पंजीकरण के लिए यह शिकायत कर रहा हूं। डॉक्टर आरती लालचंदानी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों की बातचीत का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें एक संप्रदाय के सदस्यों और विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ टिप्पणी करते हुए देखा जा सकता है और उन्होंने ये टिप्पणी की: “वे आतंकवादी हैं आतंकवादियों को वीआईपी ट्रीटमेंट देना।” उन्हें जंगलों में भेज दो, काल कोठरी में फेंक दो। इन 30 करोड़ की वजह से 100 करोड़ का नुकसान हो रहा है। उनकी वजह से वित्तीय आपातकाल है।”

सुप्रीम कोर्ट के वकील अली जैदी ने ‘जनता का रिपोर्टर’ से कहा कि वह 156 (3) के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाएंगे, अगर कानपुर पुलिस ने डॉक्टर आरती लालचंदानी के खिलाफ उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की तो उसके बाद वह उसके खिलाफ राज्य चिकित्सा परिषद में शिकायत भी दर्ज करवाएंगे।

इस मामले में डॉ. आरती ने सोमवार देर रात एक माफीनामा सोशल साइट्स पर डाला। इस चिट्ठी की पुष्टि करते हुए प्रफेसर आरती ने कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए मैं सभी से माफी मांगती हूं। इस माफीनामे में उन्होंने भारत और दुनिया के सभी मुस्लिम भाई-बहनों और दोस्तों को संबोधित करते हुए लिखा, ‘आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए मैं क्षमा मांगती हूं। मैं आप सभी को स्नेह करती हूं और सभी की सेवा करती रहूंगी। किसी भी मदद के लिए आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं। मैं यह सेवा कार्य पिछले 38 साल से कर रही हूं। कृपया माफीनामा स्वीकार करें।’


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