आयुर्वेद दिवस पर पीएम मोदी ने देश को समर्पित किए दो आयुर्वेद संस्थान

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आयुर्वेद दिवस के मौके पर राजस्थान और गुजरात में दो आयुर्वेद संस्थानों का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा, आयुर्वेद भारत की विरासत है जिसके विस्तार में पूरी मानवता की भलाई समाई हुई है। किस भारतीय को खुशी नहीं होगी कि हमारा पारंपरिक ज्ञान, अब अन्य देशों को भी समृद्ध कर रहा है। गर्व की बात है कि WHO ने ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की स्थापना के लिए भारत को चुना है।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल में आज दुनिया आयुर्वेद को लेकर कुछ नया जानना चाहती है और इस बारे में रिसर्च कर रही है। पीएम ने कहा कि देश में वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है, साथ ही दुनिया के करीब सौ से अधिक स्थानों पर आयुर्वेद की औषधि को लेकर रिसर्च चल रही है।

उन्होने कहा कि ये हमेशा से स्थापित सत्य रहा है कि भारत के पास आरोग्य से जुड़ी कितनी बड़ी विरासत है। लेकिन ये भी उतना ही सही है कि ये ज्ञान ज्यादातर किताबों में, शास्त्रों में रहा है और थोड़ा-बहुत दादी-नानी के नुस्खों में, इस ज्ञान को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार विकसित किया जाना आवश्यक है। मुझे विश्वास है कि हमारे साझा प्रयासों से आयुष ही नहीं बल्कि आरोग्य का हमारा पूरा सिस्टम एक बड़े बदलाव का साक्षी बनेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि बदलते समय के साथ आज हर चीज इंटीग्रेट हो रही है, स्वास्थ्य भी इससे अलग नहीं है। इसी सोच के साथ देश आज इलाज की अलग-अलग पद्धतियों के इंटीग्रेशन के लिए एक के बाद एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, इसी सोच ने आयुष को देश की आरोग्य नीति का अहम हिस्सा बनाया है।


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