नाम की वजह से नहीं मिली नौकरी तो PhD के बाद रईसा अंसारी को बेचनी पड़ी सब्जी

मध्य प्रदेश के इंदौर में फर्राटेदार इंग्लिश बोलकर निगमकर्मियों को झाड़ने वाली रईसा अंसारी का एक Video सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि रईसा अंसारी ने भौतिकी में पीएचडी की है और वह नौकरी न मिलने के कारण सब्जी बेचने को मजबूर है।

रईसा ने नौकरी न मिलने को लेकर कहा कि “मुझे नौकरी कौन देगा? मेरे परिवार को जीवित रहने में कौन मदद करेगा? मेरा नाम रईसा अंसारी है और यही कारण है कि मुझे कोई काम नहीं मिल रहा है।” उन्होने बताया, “हमारा परिवार 50 वर्षों से सब्जियां बेच रहा है, अगर नगर पालिका हमें हमारे सामान को यहां से हटाने के लिए कहे, तो हमें जिंदा रहने में कौन मदद करेगा?”

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ये हैं एमपी के इंदौर की रहने वाली रइसा अंसारी. बेहद ग़रीबी में रहकर PhD की है. नौकरी नहीं मिली तो अब सब्ज़ी बेचतीं हैं. जब नगर निगम के लोग दुकान हटाने पहुँचे तो जो अंग्रेज़ी में झाड़ पिलाई. सब हैरत में पड़ गये. ⠀ ⠀ ⠀ •⠀ •⠀ •⠀ •⠀ abplive.com⠀ •⠀ •⠀ •⠀ •⠀ ⠀ #MadhyaPradesh #Indore #ViralVideo #English #englishmedium #India #HindiNews #Hindi #Instadaily #Instavideo #ABPNews

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अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए रायसा कहती है, “हम कहाँ जाएँ? क्या हम कलेक्टर कार्यालय या नगर पालिका या मोदी के घर पर जाकर मरें? ” रईसा ने ने 2011 में इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से पीएचडी पूरी की थी लेकिन तब से वह बेरोजगार हैं।

रईसा ने निगमकर्मियों पर भी बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया। उसने कहा कि हर दो मिनट में नगर निगम कर्मी आकर बार-बार 100 रुपये का चालान भरने को कहते हैं। कहां से लाएं पैसे? कोरोना कहीं नहीं है। सब कुछ ढोंग है। हमारी दुकानें यहीं हैं और रहेंगी।


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