मौलाना साद केस की NIA से जांच के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

दिल्ली हाईकोर्ट में तब्लीगी जमात प्रमुख मौलाना साद के मामले की जांच एनआईए द्वारा समयबद्ध तरीके से कराने के लिए याचिका दायर की गई है। यह याचिका मुंबई के वकील घनश्याम उपाध्याय ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की है। वे मूल रूप से मुंबई के निवासी हैं।

याचिकाकर्ता का कहना है कि एनआईए को अगर ये मामला तफ्तीश के लिए सौंपा जाएगा तो इस मामले में कई महत्वपुर्ण जानकारी मौलाना साद और उसकी संस्था से जुडी जानकारी बाहर आ सकती है। याचिकाकर्ता ने तबलीगी जमात पर बड़ा आरोप लगाते हुए उसका संबंध विदेशी आतंकी संगठन के साथ होने का संदेह जताया है। लिहाजा इस मामले को यूएपीए UAPA एक्ट के तहत मामला दर्ज करके एनआईए को तफ्तीश के लिए सौंंप दी जाए।

हालांकि अब इस याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय 13 मई को सुनवाई करेगी। इसके साथ ही इस बात का भी निर्णय करेगी कि क्या ये मामला एनआईए से जांच करवाने के लिए योग्य है या नहीं? उसके बाद ही इस केस को ट्रांसफर करने का निर्णय लिया जा सकता है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 31 मार्च को निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन एसएचओ की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें बड़ी सभाओं के खिलाफ आदेशों के उल्लंघन में तब्लीगी जमात अनुयायियों की भूमिका पाई गई थी।

केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED ) भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज करके तफ्तीश कर रही है। पिछले कुछ दिनों के अंदर कई बैंक एकाउंट को खंगालने के साथ-साथ कई आरोपियों से ईडी पूछताछ भी कर चुकी है।


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