केरल में पादरी ने चर्च में कराई ‘प्रार्थना सभा’, पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोरोना संक्रमण के बीच केरल में चर्च के एक पादरी को चर्च में ‘प्रार्थना सभा’ कराना महंगा साबित हुआ है। पाऊली पदयट्टी नाम के इस पादरी को राज्य में कोरोना वायरस के मद्देनजर एहतियात के तौर पर जारी किए दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

बता दें कि कोरोना वायरस को देखते हुए भीड़ जुटाना अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसकी वजह से लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। मगर इसके बावजूद चलाकुडी निथ्या सह्या मठ चर्च के पादरी ने सरकार के आदेश की अवहेलना करते हुए एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया, जिसमें कम से कम 100 लोगों ने हिस्सा लिया था।

इसके अलावा तीन पूजा स्थलों के प्रबंधकों के खिलाफ भी शनिवार को भी मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघर के प्रबंधकों के खिलाफ ये मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि इडुकी जिले स्थित वल्लियानकावू मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

जिला प्रशासन ने इससे पहले मंदिर में नियमित पूजा के दौरान परिसर में भीड़ एकत्र होने देने पर नोटिस जारी किया था। कासरगोड जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले में चेतावनी के बावजूद नमाज पढ़वाई। इस बीच, त्रिशूर पुलिस ने जिले को ओल्लुर स्थित सेंट एंथनी गिरिजाघर के पादरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने बताया, ‘भीड़ एकत्र नहीं हो यह सुनिश्चित करने के लिए हमने कोई प्रार्थना सभा आयोजित नहीं करने का सख्त निर्देश दिया था। अब हमने निश्चित आदेश के बावजूद भीड़ एकत्र करने पर गिरिजाघर के पादरी और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।’


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