डॉ. कफील खान के खिलाफ 3 महीने के लिए बढ़ाई गई एनएसए की अवधि

गोरखपुर के डॉ. कफील खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। डॉ. कफील खान पर लगी रासुका में गृह मंत्रालय ने तीन महीने की बढ़ोतरी की गई है। खान पर लगे एनएसए की अवधि 12 मई को खत्म हो रही थी लेकिन अब तीन महीनों की बढ़ोतरी के बाद वह 12 अगस्त तक बाहर नहीं आ सकेंगे।

डॉ. कफील के वकील इरफान गाजी के मुताबिक राज्य स्तरीय एडवाइजरी बोर्ड ने उनके खिलाफ लगे रासुका पर मुहर लगा दी है। यह फैसला मथुरा जेल में बंद डॉ. कफील के पास भेजा जा चुका है। वकील ने कहा कि अब हम उच्च न्यायालय जाने की तैयारी करेंगे।

वहीं डॉ. कफील के बड़े भाई अदील अहमद खान कहते हैं, ‘लॉकडाउन के दौरान कफील किस तरह से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ेगा? उसे सिर्फ राजनीतिक कारणों के चलते निशाने पर लिया गया है।’ अदील ने आरोप लगाया कि डॉ. कफील को कार्डियक संबंधी दिक्कतें हैं लेकिन कई बार निवेदन के बावजूद उन्हें सही इलाज नहीं दिया जा रहा है। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि आगरा और मथुरा की जेलों में कोरोना संक्रमित कैदी पाए गए हैं और जेलों में ज्यादा भीड़ होने की वजह से संक्रमण के मामले भी बढ़ने की संभावना है।

बता दें कि एएमयू में सीएए विरोधी एक प्रदर्शन के दौरान पिछले साल 12 दिसंबर को कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के सिलसिले में डॉ. कफील के खिलाफ अलीगढ़ के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान योगेंद्र यादव भी उनके साथ थे।

इसी मामले में 10 फरवरी के बाद रिहाई की तैयारी थी। हालांकि, जिला प्रशासन ने डॉ. कफील पर एनएसए के तहत मुकदमा लिख लिया था। इसी के साथ कफील को मथुरा जेल में मुकदमा प्रपत्र रिसीव कराया गया, जिसके चलते उनकी रिहाई नहीं हुई थी।


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