कमलनाथ सरकार का बड़ा फैसला – मध्य प्रदेश में एनपीआर लागू नहीं किया जाएगा

भोपाल: मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए कहा है कि वह राज्य में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को लागू नहीं करेगी। कमलनाथ ने एक विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया, ‘‘मध्यप्रदेश में वह वर्तमान में एनपीआर लागू नहीं करने जा रहे।’’

राज्य सरकार ने कहा है कि एनपीआर की अधिसूचना जारी होने के बाद जिस तरह का संशय बना है, उसे लेकर तय किया गया है कि प्रदेश में एनपीआर लागू नहीं होगा। प्रदेश सरकार ने 9 दिसंबर 2019 को जारी अधिसूचना के मामले पर कहा है कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में एनपीआर की अधिसूचना जारी होने के बाद नागरिकता संबंधी बिल पारित किया था और सरकार का स्पष्ट मत है कि प्रदेश में एनपीआर लागू नहीं होगा।

दरअसल, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सोमवार को मीडिया से चर्चा में कहा था कि एनपीआर लागू होने पर वे पहले तो मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर उसे रिजेक्ट करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मुहिम के संबंध में उन्होंने अगले हफ्ते भोपाल में एक बड़ी बैठक भी बुलाई है। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एनपीआर को लेकर यथास्थिति स्पष्ट की है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मध्‍य प्रदेश सरकार के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि एनपीआर की अधिसूचना नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के तहत नहीं की गई है। राज्य में जारी एनपीआर की अधिसूचना नागरिकता संशोधन अधिनियम-1955 की नियमावली 2003 के नियम 3 के तहत है। लेकिन बावजूद इसके सरकार ने तय किया है कि फिलहाल प्रदेश में एनपीआर लागू नहीं होगा।

महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा एनपीआर

हालांकि, महाराष्‍ट्र सरकार ने अपने यहां एनपीआर की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। 14 फरवरी को उद्धव सरकार ने कहा था कि आगामी 1 मई से प्रदेश में एनपीआर की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। उद्धव ठाकरे ने यह ऐलान करते हुए प्रदेश के सभी अधिकारियों को इस संबंध में तैयारी करने के लिए कहा। साथ ही संबंधित विभाग को राज्य में एनपीआर और जनगणना की तैयारी करने के निर्देश भी दिए।


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