Home राष्ट्रिय अब मदरसों में क़ुरान के साथ गीता भी पढ़ेंगे छात्र

अब मदरसों में क़ुरान के साथ गीता भी पढ़ेंगे छात्र

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देहरादून । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा की सरकार बनने के बाद मदरसों को लेकर काफ़ी निर्णय लिए जा रहे है। मदरसों को आधुनिक बनाने के नाम पर कई बदलाव करने के आदेश दिए गए है। इनमे सभी मदरसों को ऑनलाइन करने के अलावा पाठ्यक्रम में बदलाव करने का भी निर्णय लिया गया है। हालाँकि इसकी शुरूआत उत्तर प्रदेश से हुई थी लेकिन अब यह उत्तराखंड में भी दिखायी देने लगा है।

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सभी मदरसों में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाने का विवाद अभी थमा भी नही था की सरकार ने मदरसों के पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने का आदेश दे दिया है। अब मदरसों में संस्कृत को भी शामिल करने के निर्णय लिया है। यह एक विषय के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा सभी छात्रों को क़ुरान के साथ साथ गीता पढ़ाने का भी फ़ैसला लिया गया है।

उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड की बैठक की पाठयक्रम और पाठ्यचर्या समिति की बैठक में यह फ़ैसला लिया गया। यह बैठक अल्पसंख्यक निदेशालय में आयोजित की गयी जिसमें संस्कृत को विषय के रूप में शामिल करने का फ़ैसला लिया गया। नया पाठ्यक्रम अगले सत्र से लागू किया जाएगा। इस बारे में बताते हुए बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अखलाक अहमद ने कहा कि मदरसा पाठ्यक्रम में संस्कृत ऐच्छिक विषय के रूप में रहेगा।

उन्होंने आगे बताया की पाठ्यक्रम समिति की बैठक में तय किया गया कि हाई स्कूल के समकक्ष मुंशी और मौलवी तथा इंटर के समकक्ष आलिम में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का संस्कृत का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक विषय हिंदी, गणित, विज्ञान, कंप्यूटर, सामाजिक विज्ञान आदि विषयों में भी एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।

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