आरएसएस को नहीं दी गई थी चेक पोस्ट पर चेकिंग की इजाजत: तेलंगाना पुलिस

हैदराबाद: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं द्वारा वाहन चेकिंग की तस्वीरें वायरल होने के कुछ घंटों बाद, राज्य पुलिस विभाग ने कहा कि संघ के कार्यकर्ताओं को इसकी आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी।

दरअसल, हैदराबाद के बाहरी इलाके में एक चेक-पोस्ट पर लाठी और स्केचर्स पकड़े हुए स्वयंसेवकों की वाहनों को चेक करते हुए सोशल मीडिया पर तस्वीरे वायरल हुई थी। तस्वीरों को ट्विटर पर @friendofrss नाम के हैंडल से शेयर किया गया था।

इस तस्वीर के आधार पर दावा किया गया कि आरएसएस कार्यकर्ता रोजाना 12 घंटे चेकिंग में पुलिस की सहायता कर रहे हैं। इस पर कई लोगों ने सवाल उठाया और कहा कि ये काम करने के लिए आरएसएस को किसने इजाजत दी है? क्या अब पुलिस का काम भी बाहर के लोगों द्वारा कराया जाएगा?

मामले में अब राचकोंडा के पुलिस आयुक्त महेश भागवत, जिनके अधिकार क्षेत्र में आरएसएस के स्वयंसेवकों द्वारा वाहनों की जांच करते हुए और ड्राइवरों से आईडी कार्ड मांगते हुए देखा गया था, ने तस्वीरों और घटना की प्रामाणिकता की पुष्टि की।

उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘हमें गुरुवार को भोंगीर से कुछ तस्वीरें मिलीं। हमने पूछताछ की और पुष्टि की कि वे (आरएसएस के सदस्य) स्वयंसेवा करने आए थे। हमारे लोगों ने विनम्रता से उनसे कहा कि हम अपना काम कर सकते हैं और वे अपना काम कर सकते हैं।’ आयुक्त ने आगे कहा, ‘ये पुलिस का काम है और हम अपना काम कर सकते हैं। कोई इजाजत नहीं दी गई थी।’


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