एनपीआर को लेकर बोले अमित शाह – कोई दस्तावेज़ देने की ज़रूरत नहीं, किसी को संदिग्ध नहीं लिखा जाएगा

नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) को लेकर हो रहे भारी विरोध के बीच राज्यसभा में गुरुवार को चर्चा के दौरान गृहमंत्री ने साफ किया कि नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) के लिए किसी नागरिक को दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही एनपीआर होने के बाद किसी भी नागरिक को संदिग्ध की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘एनपीआर में कोई डॉक्यूमेंट (दस्तावेज) नहीं मांगा जाएगा, जितनी सूचना आपको देना है दें. इसके लिए आप आजाद है। इस देश में किसी को एनपीआर की प्रक्रिया से डरने की जरूरत नही है। इसमें किसी के आगे डाउटफुल (संदिग्ध) नहीं लिखा जाएगा।’

अमित शाह के बयान पर कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि कोई यह नहीं कह रहा है कि सीएए से किसी की नागरिकता छिनेगी। जब एनपीआर होगा तो 10 सवाल और पूछे जाएंगे और फिर D यानी डाउटफुल लगा देगा। यह सिर्फ मुसलमान नहीं बल्कि गरीब लोगों की नागरिकता भी छीनेगा।

कपिल सिब्बल के सवाल का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि सीएए मुसलमानों के खिलाफ है। मैंने खुद कहा है कि एनपीआर के तहत कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। अगर जानकारी नहीं है तो भी कोई दिक्कत नहीं, जितनी जानकारी आप देना चाहते हैं, उसे देने के लिए आप आजाद हैं। किसी को एनपीआर की प्रक्रिया से डरने की जरूरत नहीं है।

वहीं गुलाम नबी आजाद ने पूछा कि क्या एनपीआर अगर किसी सवाल का जवाब नहीं दिया जाता है तो क्या आप उस सवाल के आगे D यानि संदिग्ध नहीं लगाएंगे। जिसपर अमित शाह ने कहा कि नहीं लगेगा। यही नहीं अमित शाह ने गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा सहित तमाम नेताओं से कहा कि अगर आप फिर भी कोई सवाल जवाब करना चाहते हैं तो आप मेरे साथ चर्चा करने आ सकते हैं।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE

[vivafbcomment]